फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेक्टर-15 में आतंक मचाने वाले कुत्ते को था रैबिज, 12 से ज्यादा लोगों को काटा

Tue, 25 Apr 2017 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
विज्ञापन
सेक्टर-15 की एक मार्केट में बीते शनिवार को 12 से ज्यादा लोगों को काटने वाले कुत्ते को रैबिज था। कसौली के नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मरे हुए कुत्ते में रैबिज होने की पॉजिटिव रिपोर्ट दी है। गौरतलब है कि रविवार को सेक्टर-38 में कुत्ते की मौत हो गई थी। रिपोर्ट मिलने के बादनगर निगम के कर्मचारी सकते में हैं। 2015 में भी मनीमाजरा में जिस बच्ची साजिया की कुत्ते के काटने से मौत हुई थी, उस कुत्ते को भी रैबिज था। 
विज्ञापन


रिपोर्ट मिलने के बाद कमिश्नर ने फिर से एमओएच टीम को निर्देश दिए हैं कि मंगलवार को सेक्टर-15 के सभी कुत्तों को फिर से एंटी रैबिज वैक्सिन दी जाए। निगम को आशंका है कि क्षेत्र के दूसरे लावारिस कुत्तों को भी रैबिज हो सकता है, क्योंकि मरने वाला कुत्ता एरिया के दूसरे कुत्तों के संपर्क में था। वीरवार को नगर निगम की टीम सभी मरीजों को काउंसिलिंग करने के लिए जाएगी।  कुत्ते के मरने के पहले से ही मरीज डरे हुए हैं। 

मरीजों पर निगम की खास नजर
रैबिज की पुष्टि होने के बाद नगर निगम के एमओएच विंग ने मरीजों पर निगरानी बढ़ा दी है। सेक्टर-15 के 8 मरीजों को मंगलवार को कोर्स का दूसरा सिरम लगना है जबकि अब कोर्स के अनुसार सभी मरीजों को 5 सिरम लगने जरूरी है।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

इन 8 लोगों की पहचान है नगर निगम को

- फोटो : अमर उजाला
जिस कुत्ते ने लोगों को काटा था उसमें रैबिज की पुष्टि हो गई है। डॉक्टरों को कह दिया है कि वह मरीजों के संपर्क में रहे। मरीजों को डिस्पेंसरियों में लगने वाले सिरम के कोर्स को पूरा करने के लिए कहा जा रहा है। मरीजों पर पूरी निगरानी रखी जा रही है।
मनोज खत्री, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम 

इन 8 लोगों की पहचान है नगर निगम को
नगर निगम पीड़ितों में से महज 8 लोगों की ही पहचान कर पाया है। इनमें कन्हैया ठाकुर, वरिंदर गुप्ता, सुखदेव, वीएम चोपड़ा, मोहम्मद रिजाद, चतर सिंह, पीयू निवासी, सेल्समैन मनोज कुमार, और रामअशीष के नाम शामिल हैं। 

पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग
एडवोकेट अजय जग्गा ने गृह सचिव अनुराग अग्रवाल को पत्र लिखकर डॉग बाइट पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें