सेक्टर-17 स्थित प्लाजा के पास आवारा कुत्ते के काटने से बना जख्म दिखाता बुजुर्ग व्यक्ति।
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चंडीगढ़। एस्टेट ऑफिस में शपथ पत्र बनवाने पहुंचे एक बुजुर्ग को मंगलवार दोपहर कुत्तों ने काट लिया। बुजुर्ग की बेटी ने जैसे-तैसे कुत्तों को भगाकर पिता को को जीएमएसएच-16 अस्पताल पहुंचाया, जहां एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाकर उन्हें घर भेजा गया।
शहर में कुत्तों का कितना आतंक है, यह सेक्टर-17 की इस घटना से पता चलता है। जिस एमओएच विभाग पर कुत्तों को पकड़ने की जिम्मेदारी है, उसी के कार्यालय के बगल में डड्डूमाजरा निवासी कबूल चंद को कुत्तों ने घेरकर काट लिया। कबूल चंद की बेटी निशा ने बताया कि उनके पिता सेक्टर-16 अस्पताल से सेवानिवृत्त हैं। मंगलवार को मुझे लेकर वह एक शपथ पत्र बनवाने एस्टेट ऑफिस गए थे। वहां से लौटते समय 3 से 4 कुत्तों ने अचानक उनके पिता पर हमला कर दिया। निशा ने बताया कि चूंकि मेरे पिताजी डंडे के सहारे चलते हैं, इस कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गए। इस बीच उनको कुत्तों ने काट लिया। उन्होंने दौड़कर पिता को उठाया और जैसे तैसे कुत्तों को भगाया। इसके बाद तत्काल पिता को लेकर सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचीं और प्राथमिक उपचार के साथ एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाया। बता दें कि इससे पहले सेक्टर-22 में भी कुछ दिन पहले एक युवती को कुत्तों ने काट लिया था।
इस बारे में केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम ने कहा कि कुत्तों के काटने की घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। नसबंदी का काम भी शुरू हो गया है। कोशिश रहेगी कि ऐसी घटनाओं में कमी लाई जा सके।
एक साल बाद अब शुरू हुई लावारिस कुत्तों की नसबंदी
पिछले साल सितंबर में अनुबंध खत्म होने के बाद से नगर निगम ने आवारा कुत्तों की नसबंदी ही नहीं कराई थी। इस कारण कुत्तों की संख्या के साथ उनके काटने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ गईं। इसके बाद निगम ने कई बार टेंडर किया, लेकिन किसी कंपनी ने आवेदन नहीं किया। एमओएच विभाग के डॉ. एमएस कंबोज ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के टेंडर के बाद इस सप्ताह से नसबंदी का काम भी शुरू हो गया है। डॉ. अमनदीप प्रति माह 150 कुत्तों की नसबंदी करेंगे। एक कुत्ते की नसबंदी का 870 रुपये शुल्क तय किया गया है।