चंडीगढ़ के बाद अब गांव दाऊं में हड्डा रोड़ी के कुत्तों ने खेतों में दोस्तों के साथ खेल रहे सात के मासूम रवि पर हमला कर दिया। तीन कुत्तों ने बच्चे के सिर पर कई जगह काटा। वहीं, बाजू और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी दांत मारे। वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति की नजर बच्चे पर पड़ी। उसने हिम्मत कर बच्चे को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया वरना बच्चे की जान तक जा सकती थी। उसने गांव के एक अन्य युवक सुक्खी की मदद से गंभीर हालत में बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। जहां पर बच्चे के सिर पर 20 टांके लगे हैं।
घटना का बच्चे के परिजनों को तब पता चला, जब सिविल अस्पताल में उसका इलाज तक शुरू हो गया था। गांव दाऊं का रहने वाला रवि अपने दोस्तों के साथ वीरवार को आम खाने के लिए खेतों में गया हुआ था। जब बच्चे खेतों में आम खा रहे थे तो वहां स्ट्रे डॉग्स की टोली पहुंची और उन पर झपट पड़ी। इस दौरान एक बच्चा तो मौके से भागने में कामयाब रहा जबकि रवि को कुत्तों ने घेर लिया। वह बचने की कोशिश करता हुआ गिर गया। इसके बाद कुत्तों ने सीधे उसके सिर पर हमला कर दिया।
वहां के लोगों ने बताया कि गांव का एक ही व्यक्ति वहां से गुजर रहा था। उसने तुरंत हिम्मत कर कुत्तों को हटाया। इसके बाद वह लहूलुहान बच्चे को उठाकर वहां से लाया। जहां पर जाकर उसका इलाज हुआ। दूसरी तरफ गांव वालों का कहना है कि कुत्तों का आतंक काफी बढ़ गया है। यह इस तरह का पहला मामला नहीं है। गत वर्ष ढाई साल के बच्चे को फेज-दो में एक गुरुद्वारे के बाहर खेलते हुए कुत्ते ने होंठ पर काट लिया था। बच्चे को गंभीर हालत में पीजीआई दाखिल करवाया गया था। इसके बाद परिवार वालों की तरफ से नगर निगम को एक नोटिस भी भेजा गया था।
कौन होते हैं हड्डा रोड़ी वाले कुत्ते
ये कुत्ते लावारिस होते है। जहां पर मृत पशुओं को फेंका जाता है ये उसी इलाके में रहते हैं। साथ ही मांस खाने के शौकीन होते हैं। ये कुत्ते ग्रुप बनाकर ही किसी पर हमला करते हैं।
गांव वालों ने ही बच्चे को अस्पताल पहुंचाया
जब बच्चे को कुत्ते ने काटा तो यह पता नहीं था कि यह किसका एक बच्चा है। सुक्खी नाम के युवक ने बताया कि वह अपनी बाइक साफ कर रहा था, तभी गांव का ही एक व्यक्ति बच्चे को जख्मी हालत में लेकर आ रहा था। इसके बाद वे उन दोनों को लेकर अस्पताल की तरफ निकल पड़ा। आगे चलकर उन्होंने उसे टेंपू में चढ़ाकर फेज-छह सिविल अस्पताल भेज दिया।
परिजनों को घटना का बाद में पता चला
बच्चे के पिता राम अवतार ने कहा कि जब यह मामला हुआ है तो वे घर पर नहीं थे। वे मजदूरी कर बच्चों को पाल रहे हैं। उनके गांव का ही एक बच्चा गुम हो गया था। वे सारे उसकी तलाश में निकले हुए थे। तभी गांव का एक युवक उनके पास आया। उसने बताया कि उनके बच्चे को कुत्तों ने काट लिया है। बच्चे को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। बच्चा गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ता है। गर्मी की छुट्टियां होने के चलते वह अपने दोस्तों संग गांव में ही खेल रहा था।
गांव के एक युवक को पालतू कुत्ते ने काटा
दूसरी तरफ गांव दाऊं के ही एक युवक रविंदर सिंह (18) को भी पालतू कुत्ते ने काट लिया। कुत्ते ने युवक को गले और बाजू पर काटा। युवक को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। युवक का भाई बाहर से आया था। कुत्ता उस दौरान खुला था। जैसे ही वह गेट खोलने गए, कुत्ते ने पीछे से उन पर हमला बोल दिया। हरनेक सिंह ने बताया कि उन्होंने कुत्ते को सारे टीके लगाए हुए हैं।