पठानकोट में बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इस दौरान डॉक्टरों ने पहले रोष रैली निकाली और फिर विधायक अमित विज के दफ्तर पहुंचे। वहां, डॉक्टरों ने अपने खून से सने एप्रेन विधायक के दफ्तर में टांगे और स्टेथोस्कोप भी वहीं लटका दिए।
इस दौरान डॉक्टरों समेत अन्य स्टाफ ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक के भाई आशीष विज को सिविल अस्पताल की विभिन्न यूनियनों ने मांग पत्र सौंपे और हड़ताल पर लौट गए। आशीष विज ने कहा कि सेहत विभाग कर्मचारियों की मांगों को जल्द मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
वहीं, सरकारी अस्पतालों, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और प्राइमरी हेल्थ सेंटरों की ओपीडी में किसी मरीज का चेकअप नहीं हुआ और न ही किसी की पर्ची काटी गई। फार्मासिस्टों ने भी दवाओं की डिस्पेंसरियां बंद रखीं। इससे ओपीडी में पहुंचे 350 से अधिक लोग बिना चेकअप करवाए लौटे।
सिविल अस्पताल पठानकोट में ओपीडी के अलावा इलेक्टिव सर्जरी, मेडिकल, ई-संजीवनी, वीसीएस, वेबिनार, यूडीआईडी कैंप सहित कामकाज पूरी तरह से ठप रखा गया। पीसीएमएसए के जिला प्रधान डॉ. मधुर मट्टू के नेतृत्व में हड़ताल में शामिल हुए डॉ. पुनीत गिल, डॉ. साक्षी, डॉ. विश्व बंधू, डॉ. गीतिका, डॉ. अभय गर्ग, डॉ. आकांक्षा, डॉ. मनिंदर, डॉ. प्रियंका ठाकुर, इंस्पेक्टर अविनाश शर्मा और मोनू मेहरा ने कहा कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो सभी यूनियनों को साथ लेकर सोमवार से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने से पीछे नहीं हटेंगे।
नरोट जैमल सिंह से हार्ट चेकअप के लिए आई सुषमा ने ओपीडी में साढ़े 3 घंटे इंतजार किया लेकिन डॉक्टर नहीं आए। सुषमा ने बताया कि स्टाफ से पता चला है कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। दुनेरा के अश्वनी ने बताया कि वह 30 किलोमीटर दूर से चेकअप करवाने आया था। इमरजेंसी से पर्ची कटवाकर ओपीडी में 4 घंटे डॉक्टर का इंतजार किया लेकिन डॉक्टर नहीं आए।
डॉक्टरों ने हड़ताल कर निकाला रोष मार्च
जालंधर में भी डॉक्टरों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ ने सरकार खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष मार्च निकाला। पीसीएमएस डॉक्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी ठप रखी। इसके चलते सिविल अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीजों को परेशान होना पड़ा।
दूसरी तरफ ईएसआई अस्पताल में भी डॉक्टर हड़ताल पर रहे। डॉ. वरिंदर सिंह रियाड़ ने कहा कि रोष स्वरूप डॉक्टर गुरुवार से खुले में बैठकर ओपीडी करेंगे व मरीजों को सेवाएं मुहैया करवाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो आपातकालीन सेवाएं व कोरोना से संबंधित सभी कार्य ठप कर दिए जाएंगे।