चंडीगढ़। पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने चार जून को एक आदेश जारी किया था कि संस्थान में ओपीडी कार्ड, पर्चियां आदि हिंदी में लिखी जाएं। डॉक्टर मरीजों से हिंदी में बात करने की कोशिश करें। जागरूकता वीडियो भी हिंदी में बनाने के आदेश हुए थे। इसका काफी विरोध हुआ। अब शुक्रवार को पीजीआई के निदेशक ने नए आदेश जारी किए हैं। इसमें डॉक्टरों से कहा गया है कि मरीजों को जो भी भाषा समझ आए, उसके अनुसार हिंदी-पंजाबी में बात करें।
निदेशक के आदेश पर पीजीआई के छात्रों व अन्य संस्थानों के छात्र संगठनों ने विराेध किया। सोशल मीडिया पर छात्रों के विरोध का वीडियो खूब वायरल हुआ। जनता का दबाव देख 26 जून को निदेशक ने पत्र जारी कर डॉक्टरों को हिंदी और पंजाबी में मरीज की सुविधा अनुसार भाषाएं प्रयोग करने के लिए कहा। निदेशक ने कहा है कि इस पत्र में संशोधन कर आपसे आग्रह है कि आप इनके लिए हिंदी के स्थान पर पहले की तरह मरीजों की सुविधा अनुसार उनकी समझ में आने वाली जनभाषा हिंदी और पंजाबी का प्रयोग जारी रखें।