‘द इंजन रूम’ सेक्टर-8 में दो दिवसीय मल्टी डांस वर्कशॉप चंडीगढ़ में डांस के बढ़ते क्रेज का उदाहरण रही। शुक्रवार को अंतिम दिन स्टूडेंट्स समय से पहले ही आ गए।
वर्कशॉप के आयोजक अभी खजुरिया ने बताया कि उन्हें उम्मीद से बढ़कर डांस का क्रेज़ देखने को मिला। इसलिए अब अप्रैल में इसी डांस वर्कशॉप को एक हफ्ते के लिए करवाएंगे ताकि लोगों को और डांस फोरम सीखने को मिले ।
डांस सीखने आने वालों में दीना नाथ भी थे। वह सेक्टर-26 की मंडी में फ्रूट बेजते हैं और 12 साल से डांस से जुड़े हैं। उन्होंने जस्ट इंडिया डांस शो में भी भाग लिया है। इस वर्कशॉप में उन्होंने बी-बोइंग सीखा।
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की पंचकूला शाखा में कार्यरत गरिमा ने भी यह वर्कशॉप अटेंड की। उनका कहना था कि उन्होंने जिंदगी में पहली बार यहां आकर ही सालसा डांस किया। डांस का शौक उन्हें कालेज के समय से है।
फोक डांस, फ्यूजन वह करती रही हैं। नई शैली सीखने के लिए उन्होंने यह वर्कशॉप अटेंड की। यहां डांस सीखने वालों में इंडसइंड बैंक के वाइस प्रेसिडेंट अंकुश शर्मा भी रहे। उ
न्होंने बताया कि इंटरनेशनल फेस्ट ने उन्हें डांस का शौकीन बनाया। उनकी सालसा में ज्यादा दिलचस्पी है। जेक और जोंस की एरिया मैनेजर पायल प्राचीन कला केंद्र से कथक सीख रही हैं। इस वर्कशॉप में उन्होंने अन्य शैलियां सीखीं।
सालसा की दीवाने डॉक्टर
सेक्टर-44 के स्पाइलर डाइग्नोसिस के डॉक्टर किरन कैंसर का इलाज करते हैं। वह बेंगलुरु से हैं और उन्होंने वहां पहले कंटेंपरी और सालसा सीखा है। सालसा एक सोशल डांस है जो हम किसी भी देश के पार्टनर के साथ कर सकते हैं।
यहां आकर उन्हें सालसा की सही तकनीक पता चली। पीजीआई की रेडियो डायग्नोसिस विभाग की सीनियर रेजिडेंट डॉ. प्रियंका सेक्टर-8 के बॉडी जोन में सालसा की क्लास अटेंड करती हैं।
वह महाराष्ट्र से हैं और उन्होंने क्लासिकल डांस सीखा है। उन्होंने पंजाब इंटरनेशल सालसा फेस्टीवल-2013 में भी परफार्म किया था। इस वर्कशॉप में उन्हें सही तकनीक मिली।