मिलिए दो बहनों से, जो पेशे से डॉक्टर हैं। शादी भी डॉक्टर्स से हुई, लेकिन दोनों को क्लासिकल डांस में महारत हासिल है। ये हैं डॉ. द्रोपदी प्रवीण और डॉ. प्रधमिणी। चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में बुधवार को चंडीगढ़ संगीत नाटक एकेडमी की ओर से म्यूजिक एंड डांस बोनांजा का आयोजन किया गया।
इसमें जहां दोनों डॉक्टर बहनों ने कुच्चीपुड़ी और भरतनाट्यम की दिलकश प्रस्तुति दी, वहीं सितार वादक हरविंदर कुमार शर्मा ने भी सितार पर अपनी अंगुलियों के जादू से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। सबसे पहले हरविंदर शर्मा ने बसंत राग बजाया। इसके बाद पहाड़ी भजन गाए। इनमें पायो जी मैंने राम रत्न धन पायो और रंगी सारी गुलाबी चुनिया मुख्य थे।
दो डॉक्टर बहनों ने क्लासिक डांस पर शानदार प्रस्तुति दी। डॉ. द्रोपदी प्रवीण को भरतनाट्यम और डॉ. प्रधमिणी को कुच्चीपुड़ी में महारत हासिल है। उन्होंने सबसे पहले नृत्य समन्वय पर प्रस्तुति दी। इसके बाद दोनों ने कुच्चीपुड़ी और भरतनाट्यम पर प्रस्तुति देकर इन दोनों के अंतर को दिखाया।
परिवार में सभी डॉक्टर
डॉ. द्रोपदी प्रवीण और डॉ. प्रधमिणी ने बताया कि उनके माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं। उन्हीं की प्रेरणा से हम भी डॉक्टर बनीं। इसके बाद हम दोनों बहनों की शादी भी डॉक्टरों से हुई। कला के क्षेत्र में हमारा कोई बैक ग्राउंड नहीं है।
शादी के बाद डांस से लगाव
डॉ. द्रोपदी ने कहा कि कथक, भरतनाट्यम और अन्य सभी डांस उन्होंने शादी के बाद ही सीखे। डॉ. प्रधमिणी ने बताया कि उन्हें डांस करना हमेशा से ही अच्छा लगता था। हम दोनों बहनें अपने पतियाें की असिस्टेंट हैं। इसलिए जब भी हमें परफॉर्मेंस देने कहीं और जाना होता है तो पति ही काम संभालते हैं।