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सफल बिजनेसमैन बनना है तो क्या करें? क्या न करें? जानिए

Sun, 28 Jun 2015 12:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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यदि आप सफल बिजनेसमैन बनना चाहते हैं तो दुनिया को भी मत सुनो। खासतौर से अपने संबंधियों और अपने अभिभावकों की। रिस्क लेने की क्षमता होनी चाहिए। फेल होना आपकी असफलता नहीं है। आपकी सफलता की कहानी है।
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यह कहना है विश्व के प्रसिद्ध जर्नलिस्ट हिंडोल सेन गुप्ता का। वह एक लेखक, जर्नलिस्ट और इंटरप्रेन्योर हैं। वह सीआईआई और यंग इंडियंस ट्राईसिटी चैप्टर की ओर से सीआईआई नार्दर्न रीजन सेंटर सेक्टर-31 हेडक्वार्टर में आयोजित एक लर्निगिं सेशन में मौजूद थे।

हिंडोल ने सुनाई स्टीव जॉब्स की कहानी

हिंडोल ने कहा कि स्टीव जॉब्स ने अपने संबंधियों को स्मार्ट फोन और कंप्यूटर बनाने के बारे में बताया तो सभी संबंधी उनके ऊपर फूट पड़े। कौन जानता था कि वह छह इंडस्ट्री में एकदम चेंज ला देंगे। पर्सनल कंप्यूटर, एनीमेटेड मूवी, म्यूजिक, फोन और टैबलेट कंप्यूटिंग और डिजिटल पब्लिशिंग। उन्होंने कहा कि मैं पावर ऑफ इकोनामी में विश्वास करता हूं।

इंटरप्रेंयोरशिप वास्तव में देश के विकास के लिए सबसे आवश्यक है। इंटरप्रेंयोरशिप के माध्यम से ही गरीब तबके को जॉब प्रदान किया जा सकता है। लिविंग स्टैंडर्ड को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि असंगठित सेक्टर के इंटरप्रेंयोर पचास फीसदी जीडीपी में ग्रोथ योगदान करते हैं और देश में उपलब्ध कुल जॉब का नब्बे फीसदी जॉब उपलब्ध करवाते हैं।

हालांकि इनमें से सिर्फ दस फीसदी तक ही वित्तीय मदद पहुंच पाती है। इसीलिए सबसे आवश्यक है कि अपने फाइनेंस सिस्टम को बेहतर किया जाए। इसीलिए जरूरी है कि स्माल इंटरप्रेन्योर के लिए मुद्रा बैंक स्कीम को लागू किया जाए।

चंडीगढ़ के गौरी सिंह ने भी दिए टिप्स

सीआईआई वाईआई के सेशन में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लिए की गई स्टडी की किताब रिकास्टिंग इंडिया-हाउ इंटरप्रेंयोर रेवोल्यूशनाइजिंग द वर्ल्ड लारजेस्ट डेमोक्रेसी लांच की गई। इसमें चंडीगढ़ के गौरी सिंह की स्टोरी भी है। गौरी सिंह ने इंडस्ट्री की काफी मदद की है। गौरी सिंह ने मेड कंपनी बनाई।

इसके माध्यम से प्रोफेशनल क्लीनिंग, वाशिंग, कुकिंग के लिए प्रोफेशनल तैयार किए गए। गौरी सिंह ने तीन हजार महिलाओं को ट्रेंड किया और अब तक उनके दो हजार क्लाइंट हैं। इस किताब की तारीफ वैश्विक थिंकर विजय गोविंदराजन, अर्थशास्त्री अरविंद पंगरिया, वाइस चेयरमैन एनआईटीआई आयोग ऑफ इंडिया द्वारा की गई, वह इंफोसिस के पूर्व चेयरमैन भी रहे।

रिकास्टिंग इंडिया एकमात्र किताब है जिसको इकोनामिक राइटिंग के लिए बेहतरीन पुरस्कार द हायेक बुक प्राइज मिला। उन्होंने कहा कि इस किताब को लिखने का उद्देश्य था कि कई लोग निगेटिव चीजों को सोंचते है।
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गौरी सिंह ने बताया कि क्या सोचते हैं एंटरप्रेन्योर

गौरी सिंह ने कहा कि भारत में 1.2 बिलियन लोगों में से सिर्फ एक मिलियन लोग इंटरप्रेन्योरशिप के संबंध में सोचते हैं। हमारे पास समस्याएं हैं लेकिन उनका सोल्यूशन नहीं। इसको पूरा करने के लिए एक मिलियन युवा इंटरप्रेन्योर कास्ट और जेंडर संबंधित इश्यू पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हम यह भूल गए हैं कि 1857 के पहले हम एक अमीर देश थे। अब युवा ही हैं जो कि देश की विचारधारा और राजनीति में बदलाव ला सकते हैं। हिंडल सेनगुप्ता छह किताबों के लेखक हैं। उनकी आने वाली किताब है बींग हिंदू।

वह नई दिल्ली के रहने वाले हैं और फार्चून इंडिया के एडीटर इन चीफ हैं। सीआईआई यंग इंडियंस के चेयरमैन अमित चुग ने कहा कि सीआईआई वाई आई के लिए राष्ट्रनिर्माण प्राथमिकता है। हमको स्मार्ट सिटीजंस भी चाहिए।
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