एक बार फिर कांग्रेस की गुटबाजी सामने आई है। कांग्रेस की पानीपत रैली से सैलजा समर्थकों ने दूरी बनाए रखी।
साढौरा विधायक राजपाल भूखड़ी को छोड़कर जिले से लगभग सभी सैलजा समर्थक बड़े नेताआें ने रैली में हिस्सा नहीं लिया। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री समर्थक कांग्रेसियों में रैली में अधिक से अधिक लोगों और वाहनाें को ले जाने की होड़ लगी रही।
साढौरा विधायक राजपाल भूखड़ी अपने दल-बल के साथ रैली के लिए रवाना हुए। जबकि सैलजा समर्थक कांग्रेस के जिला प्रधान अनिल गोयल और ग्रामीण जिला प्रधान श्याम सुंदर बत्तरा के अलावा अन्य सैलजा समर्थक रैली में नहीं पहुंचे। सैलजा समर्थक घरों में बैठकर टेलीविजन पर पानीपत रैली के नजारे देखते रहे।
सैलजा समर्थकों की सीएम की रैली से दूरी से साबित होता है कि सीएम और राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा में मतभेद अभी दूर नहीं हुए हैं।
गौरतलब है कि विधायक कुमारी सैलजा केे विश्वासपात्र राजपाल भूखड़ी ने लंबे समय तक मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी बंद करने के निर्देश के बाद पिछले करीब दो महीने से विधायक राजपाल मुख्यमंत्री के खिलाफ मुंह खोलने से परहेज कर रहे हैं।
रैली के बहाने टिकटार्थियों ने दिखाई ताकत
सीएम समर्थकों में रैली को लेकर जबरदस्त उत्साह नजर आया। लगभग सभी बड़े कांग्रेसी नेता सैकड़ों वाहनाें के साथ पानीपत रैली के लिए रवाना हुए। दिन भर यह चर्चा का विषय बना रहा कि कौन कितने वाहनों को लेकर गया है। गौरतलब है कि जितने भी कांग्रेसी नेता वाहनों के काफिले के साथ रैली के लिए रवाना हुए, उनमें अधिकतर ने टिकट के लिए आवेदन किया हुआ है।
रैली के लिए अधिक से अधिक वाहनों और लोगों को साथ ले जाकर इन्होंने अपनी उम्मीदवारी के दावे को और पुख्ता करने का भरसक प्रयास किया। यमुनानगर से कांग्रेसी नेता देवेंद्र चावला, राजकुमार त्यागी, डॉ. कृष्णा पंडित और सतपाल कौशिक, जगाधरी से जाकिर हुसैन, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, भूपाल भाटी और प्रवीण कुमार अपने-अपने समर्थकों और वाहनाें के साथ रैली के लिए रवाना हुए।