चंडीगढ़। शहर में भीख मांग रहे बच्चों को देखकर हुए मुझे बेहद दुख होता है, इन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए। इसलिए हम सब को एक साथ संकल्प लेना चाहिए कि शहर में भीख मांगने वाले बच्चे के हाथ में भीख नहीं बल्कि किताब दे। यह संदेश पंजाब आर्ट काउंसिल एवं दो बार मेयर रहे चुकीं एवं चंडीगढ़ कमीशन फार प्रोटेक्शन आफ चाइल्ड राइ्टस की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने शहर के युवाओं बताया। वे वीरवार को 15वें टीएफटी विंटर नेशनल थियेटर फेस्टिवल के रू-ब-रू कार्यक्रम की खास मेहमान थीं। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव को युवाओं से साझा किया।
दूसरे को बच्चों को समझो अपनों जैसा, नैतिक मूल्यों का दो पाठ
शहर में पीजी लड़के- लड़कियों के माहौल पर उन्होंने कहा कि पीजी में रहने वाले बच्चों को नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाना होगा। इसलिए सभी बड़ों को यह जिम्मेदारी लेनी होगी। उनके मकान मालिकों को उनको अपने बच्चों की तरह समझकर नैतिक मूल्यों की सीख देनी चाहिए।
जिंदगी में कभी हार नहीं मानो,
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जिंदगी में जो भी काम करो, दिल से करो। आत्मविश्वास से करो। असफलता कभी आपकी रूकावट नहीं बनेगी। अपनी इच्छा शक्ति से आप हर मुश्किल से मुश्किल मंजिल को प्राप्त कर सकते हो। इसके बाद उन्होंने अपने रंगमंच के सफर को भी साझा किया। थियेटर फार थियेटर से ही जुड़ी उन्होंने अपनी यादों को दर्शकों से बांटा। उन्होंने कहा कि रंगमंच बेहद विकासित हुआ है और कलाकारों के हौसले की वजह से आज तीस दिन के थियेटर फेस्टिवल आयोजित किए जा रहे हैं।