चंडीगढ़। कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू हुए 23 दिन हो चुके हैं। अभियान के अंतर्गत अब तक 4500 से ज्यादा हेल्थ केयर और फ्रंटलाइन वर्करों को टीका लग चुका है। अच्छी बात यह है कि टीकाकरण के बाद किसी पर कोई दुष्प्रभाव सामने नहीं आया है। अभियान को सफल बनाने के लिए सभी अपने स्तर पर लगातार अपने सहयोगियों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। शहर के सरकारी हो या निजी सभी डॉक्टरों की एक ही राय है कि कोरोना को खत्म करना है तो हर हाल में टीकाकरण कराएं।
हम पर करें यकीन, टीकाकरण सही
कोरोना से बचाव के लिए मैंने भी टीकाकरण करवा लिया है। मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं और पहले की ही तरह अपनी सारी जिम्मेदारियां पूरी कर रही हूं। मेरा मानना है कि हम सभी को यह टीका अवश्य लगवाना चाहिए ताकि खुद के साथ ही देश को भी इस महामारी से बचाने में अपना योगदान दे सकें। -डॉ. काजल जैन, पीजीआई ट्रामा सेंटर प्रभारी
टीके से नहीं हुई कोई परेशानी
मैंने भी कोरोना का टीका लगवा लिया है। मुझे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। एक डॉक्टर होने के नाते मैं यह बताना चाहता हूं कि अगर टीका लगने के बाद हल्का बुखार और दर्द होता है तो घबराने के बजाय यह समझने की जरूरत है कि वैक्सीन शरीर में अपना असर दिखाने लगी है। कोरोना का टीका पूरी तरह सुरक्षित है। इसे बिना डरे सभी को लगवाना चाहिए। -डॉ. परमजीत सिंह, उप चिकित्सा अधीक्षक जीएमएसएच-16
टीके के बाद भी करें नियमों का पालन
संक्रमण से बचाव के लिए मैंने कोरोना का टीका लगवाया है और अब मैं निश्चिंत होकर अपना काम कर रहा हूं। लेकिन टीका लगने के बाद भी कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। इसलिए टीकाकरण के बाद भी मैं मास्क और सैनिटाइजर के प्रयोग के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का कड़ाई से पालन कर रहा हूं। -डॉ. नितिन माथुर, आईएमए सचिव
टीकाकरण पर चल रही अफवाहों पर न दें ध्यान
जब तक कोरोना से बचाव का साधन नहीं था, हम सभी यही प्रार्थना करते हैं कि जल्द से जल्द इसका इलाज उपलब्ध हो जाए। अब जब इससे बचाव के लिए वैक्सीन आ गई है, तब भ्रम या अफवाह पर ध्यान दिए बिना सभी को टीकाकरण करवाना होगा, ताकि हम अपने साथ अपने परिवार समाज और देश को इस संक्रमण से बचा सकें। -डॉ. नितिन, फिजियोथिरेपी यूनिट प्रभारी जीएमएसएच-16