इस वर्ष कार्तिक अमावस्या दो दिन रहेगी। पंचांग के अनुसार, अमावस्या 20 अक्तूबर को दोपहर 3:45 बजे शुरू होकर 21 अक्तूबर को शाम 5:55 बजे तक रहेगी। दीपावली 20 अक्तूबर को मनाई जाएगी जबकि 21 अक्तूबर को स्नान-दान का विशेष महत्व होगा।
दीपों का महापर्व दीपावली आज हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक मास की अमावस्या पर शाम को मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की पूजा होगी। घर-घर दीपक, मोमबत्तियां और रंग-बिरंगी लाइटें सजावट को और आकर्षक बना रही हैं।
विज्ञापन
चंडीगढ़ सेक्टर-28 के खेड़ा शिव मंदिर के पुजारी और श्री देवालय पूजक परिषद के संरक्षक आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। तब अयोध्यावासियों ने घी के दीपों से नगर को रोशन किया था, जिससे दीपावली की परंपरा शुरू हुई।
दो दिन रहेगी कार्तिक अमावस्या
आचार्य शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष कार्तिक अमावस्या दो दिन रहेगी। पंचांग के अनुसार, अमावस्या 20 अक्तूबर को दोपहर 3:45 बजे शुरू होकर 21 अक्तूबर को शाम 5:55 बजे तक रहेगी। दीपावली 20 अक्तूबर को मनाई जाएगी जबकि 21 अक्तूबर को स्नान-दान का विशेष महत्व होगा। शास्त्रों में प्रदोष और निशीथ काल में लक्ष्मी पूजा को सर्वोत्तम माना गया है।
वृष लग्न में पूजा सर्वश्रेष्ठ
सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर के भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि 20 अक्तूबर को शाम 7:00 से 8:15 बजे तक प्रदोष काल में वृष लग्न पूजा के लिए उत्तम रहेगा। सूर्यास्त शाम 5:42 बजे होगा और प्रदोष काल 5:42 से रात 8:15 बजे तक रहेगा। शाम 5:29 से 7:00 बजे तक मेष लग्न और 7:00 से रात 9:00 बजे तक वृष लग्न रहेगा। वृष लग्न में लक्ष्मी, गणेश और कुबेर पूजन शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि वृष स्थिर लग्न है जिसमें पूजा से मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
निशा और महानिशा काल में भी पूजा का विकल्प
पंडित मिश्र के अनुसार प्रदोष काल में पूजा न कर पाने वाले रात 8:15 से 10:50 बजे तक निशा काल में पूजा शुरू कर सकते हैं जिसमें रात 9 बजे तक वृष लग्न रहेगा। इस दौरान श्री सूक्त, लक्ष्मी सूक्त और सिद्धिदायक मंत्रों का जप लाभकारी होगा। रात 10:50 से 1:30 बजे तक महानिशा काल में रात 10:30 से 12:09 बजे तक लाभ की चौघड़िया रहेगी। चंडीगढ़ में दीपावली की तैयारियां जोरों पर हैं। बाजारों में रौनक छाई है और लोग उत्साह के साथ इस पर्व को मनाने में जुटे हैं।