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हिसार मंडल कमिश्नर पर पंचकूला कोर्ट में चलेगा यौन उत्पीड़न का केस

Sat, 07 Dec 2013 01:00 AM IST
सुशील गंभीर/अमर उजाला पंचकूला
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हिसार मंडल के कमिश्नर युद्धवीर सिंह खयालिया पर पंचकूला की कोर्ट में यौन उत्पीड़न का केस चलेगा। यह केस सुप्रीम कोर्ट से यहां वापस भेजा गया है और तीन महीने तक हर दिन सुनवाई करने के आदेश हुए हैं।
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इस मामले में आईपीएस ऑफिसर राज श्री सहित अन्य लोगों पर भी आरोप है।

घटना 26 जून 1997 की है। उस समय खयालिया कालका के एसडीएम थे और एचएमटी स्थित ईएसआई सेंटर में तैनात एक महिला फार्मासिस्ट ने उन पर संगीन आरोप लगाए थे।

आरोप है कि तत्कालीन एसडीएम खयालिया, तत्कालीन डीएसपी राज श्री व अन्य पुलिसकर्मी 26 जून की रात उसके सरकारी आवास में घुसे। इस दौरान साथ में कैमरामैन भी थे।

यह हरकत उसकी एक साथी कर्मचारी की शिकायत पर की गई थी, जिसमें कहा गया था फार्मासिस्ट सरकारी आवास में एक व्यक्ति के साथ अवैध संबंधों में रहती है।

तब के तहसीलदार बीर सिंह भी वहां आए और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां एक पुरुष डॉक्टर से उसका मेडिकल कराया गया।

महिला फार्मासिस्ट ने कहा कि जिस दिन रेड हुई, उससे अगले दिन उसकी साथी कर्मचारी (शिकायतकर्ता) के खिलाफ चल रहे मानहानि के केस में गवाही थी।

महिला फार्मासिस्ट ने खयालिया सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारी के खिलाफ पंचकूला की कोर्ट में वर्ष 2000 में शिकायत की, जिस पर 2001 में समनिंग हुई, लेकिन मामला अटक गया।
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इसके बाद मामला हाईकोर्ट में चला गया, लेकिन वहां से भी जब पीड़ित महिला को राहत नहीं मिली तो वह अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न में इंसाफ पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट गई।

सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय तक केस चला और 23 अक्तूबर को जस्टिस टीएस ठाकुर व फकीर मोहम्मद इब्राहिम कलीयाफुला की डिविजन बेंच ने खयालिया की इस हरकत को तो गलत ठहराया ही, साथ ही उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

साथ ही आदेश दिए कि पंचकूला कोर्ट में मामले का डे टू डे ट्रायल कर तीन महीने में इसे निपटाया जाए। शिकायतकर्ता के वकील प्रेम जगत ने बताया कि यौन उत्पीड़न, जबरदस्ती घर में घुसना व साजिश रचने के आरोप में खयालिया सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ डे टू डे हियरिंग शुरू हो चुकी है।

इन पहलुओं पर उठाए सवाल
आदेशों में कहा गया है कि अवैध संबंधों की जांच के लिए एसडीएम स्तर का अधिकारी पुलिस अफसरों के मदद से इतनी रात को कैसे किसी महिला के घर में रेड कर सकता है?

वो भी एक अन्य महिला की शिकायत पर, जिसका न तो उस घर में रहने वाली महिला से कोई रिश्ता है और न ही व्यक्ति से। या तो फार्मासिस्ट महिला का पति शिकायत करे या उस व्यक्ति की पत्नी, जो वहां उस घर में था।
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