एक करोड़ रुपये लूट के मामले में आरोपी चंडीगढ़ पुलिस से बर्खास्त सब-इंस्पेक्टर नवीन फोगाट को जिला अदालत से बड़ा झटका लगा है। सेक्टर-39 थाने के एडिशनल एसएचओ रहे नवीन फोगाट ने चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी चरणजीत सिंह विर्क और जांच अधिकारी की मोबाइल टावर लोकेशन और कॉल डिटेल उपलब्ध कराने की मांग की थी, जिसे निचली अदालत के बाद अब सेशंस कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि इस मामले में डीएसपी के फोन की डिटेल जारी करना आवश्यक नहीं है।
फोगाट का आरोप था कि दो साल पहले अदालत में सरेंडर करने के बाद पलसोरा पुलिस चौकी में जांच अधिकारी डीएसपी चरणजीत सिंह विर्क और अन्य स्टाफ ने उसके साथ थर्ड डिग्री टॉर्चर किया था जिसके कारण उसे गंभीर चोटें आई थीं। इस आधार पर उसने डीएसपी की उस समय की लोकेशन साबित करने के लिए यह अर्जी दायर की थी।
नोट बदलने के बहाने बुलाया गया, फिर लूट ली रकम
यह मामला बठिंडा के दाल कारोबारी संजय गोयल की शिकायत पर दर्ज हुआ था। गोयल के अनुसार 4 अगस्त 2023 को वह एक करोड़ रुपये के 500-500 के नोट लेकर मोहाली के एयरो सिटी पहुंचे थे। उन्हें बताया गया था कि नोटों को दो हजार रुपये के नोटों से बदला जाएगा और बदले में 5 प्रतिशत कमीशन मिलेगा।एरो सिटी में मिले लोग उन्हें सेक्टर-40 चंडीगढ़ लेकर आए और थोड़ी देर रुकने को कहकर वहां से चले गए। उसी दौरान तीन अन्य लोग वहां पहुंचे जिनमें एक पुलिस वर्दी में था। आरोप है कि उन्होंने गोयल को धमकाया और गाड़ी में रखे एक करोड़ रुपये से भरा बैग उठाकर अपनी गाड़ी में डालकर भाग गए।
शिकायत देने पहुंचे तो एसआई के नाम का हुआ खुलासा
5 अगस्त 2023 को गोयल जब शिकायत दर्ज कराने सेक्टर-39 थाने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वर्दी में मौजूद आरोपियों में से एक व्यक्ति इसी थाने का एडिशनल एसएचओ नवीन फोगाट था। शिकायत के बाद पुलिस ने दो कांस्टेबल शिव कुमार और वरिंदर सिंह सहित एक निजी व्यक्ति वजिंदर सिंह गिल को गिरफ्तार कर लिया जबकि फोगाट मौके से फरार हो गया था। कुछ महीनों बाद उसने अदालत में आत्मसमर्पण किया। सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप तय हो चुके हैं और मामला फिलहाल विचाराधीन है।