16 सितंबर को फरीदकोट में प्रस्तावित शिअद की पोल खोल रैली को जिला प्रशासन ने इजाजत देने से इंकार कर दिया है। शिअद की इस रैली का बरगाड़ी में रोष धरने पर बैठी सिख जत्थेबंदियों ने विरोध करने का एलान किया था। इस कारण अमन-शांति को खतरा होने की आशंका के चलते प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी है। वहीं शिअद ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस पर शनिवार को सुनवाई होगी।
जानकारी के अनुसार, बरगाड़ी मामले की घटनाओं को लेकर जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पेश होने के बाद शिअद ने राज्य भर में कांग्रेस के खिलाफ पोल खोल रैलियां करने का एलान किया था। इसके तहत रैली 15 सितंबर को कोटकपूरा में रखी गई थी। बाद में विरोध की आशंका के बाद इसे 16 सितंबर को फरीदकोट में रख दिया गया था। शिअद इसकी तैयारियां कर रही थी और सब्जी मंडी परिसर में विशाल पंडाल लगाने का काम शुरू कर दिया गया था। लेकिन जिला प्रशासन ने रैली करने की इजाजत नहीं दी। पुलिस ने रैली स्थल के पास पुलिस बल तैनात कर दिया है।
इस मौके पर पार्टी प्रवक्ता परमबंस सिंह बंटी रोमाना, जिला प्रधान देहाती व पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़, जिला प्रधान शहरी सतीश ग्रोवर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने राज्य में आपातकालीन जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। गर्मपंथी जत्थेबंदियों को शह देकर पंजाब की अमन-शांति को भंग करने की कोशिश की जा रही है।