वनपाल के पद के लिए किसी भी बोर्ड से फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, बायोलॉजी, एग्रीकल्चर में से दो विषयों में 12वीं पास होना चाहिए। वन रक्षक पद के लिए 12वीं पास होना चाहिए। महिलाओं की ऊंचाई 150 सेमी व सीने की माप न्यूनतम 74 सेमी होनी जरूरी है। इसके साथ ही सीना फुलाकर 5 सेमी का अंतर भी जरूरी है। इसके साथ 4 घंटे में 14 किमी पैदल चाल भी शामिल है। पुरुषों के लिए 4 घंटे में 25 किमी की पैदल चाल जरूरी है।
केंद्रीय महिला आयोग से होगी शर्त हटाने की मांग
समस्या समाधान टीम के मनोज शुक्ला ने कहा कि वह रविवार को इस नियम के खिलाफ केंद्रीय महिला आयोग, महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, केंद्रीय वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, सांसद किरण खेर और प्रशासक को पत्र लिखेंगे। टीम की संयुक्त सचिव रवि ज्योति ने कहा कि यह नियम महिलाओं की बेइज्जती करने वाला है।
इससे ज्यादातर महिलाएं भर्ती में आने में संकोच करेंगी और इसका सीधा लाभ पुरुष अभ्यर्थियों को मिलेगा। यह शर्त महिलाओं को सशक्त करने की बजाय महिलाओं को पीछे रखने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि एसएससी के तहत केंद्रीय पुलिस बल में भर्ती होने वाली महिलाओं, भारतीय सेना में भर्ती होने वाली महिलाओं और सभी राज्य सरकारों की पुलिस में भर्ती होने वाली महिलाओं के लिए भी ऐसे सीना नापने वाला नियम नहीं है।
इस मामले पर चंडीगढ़ प्रशासन के कार्मिक विभाग के पूर्व सचिव बीएल शर्मा का कहना है कि यह नियम आपत्तिजनक है और ऐसे नियमों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर संभव हो तो ऐसे नियम को हटा देने चाहिए। गौरतलब है कि कुछ साल पहले मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के वन विभाग की तरफ से निकाली गईं कुछ भर्तियों में महिलाओं की शारीरिक दक्षता में सीने की माप और फुलाव का जिक्र था। इस पर दोनों राज्यों में काफी बवाल हुआ था। मध्य प्रदेश की महिला आयोग ने भी वहां के वन विभाग को नोटिस भी जारी किया था। इसके अलावा मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री ने भी इसका विरोध किया था।
वन विभाग के कार्य काफी कठिन होता है। यह दफ्तर में बैठने वाला काम नहीं है, इसलिए कर्मचारियों को पूरी तरह से फिट होना चाहिए। वनपाल और वन रक्षक पद के लिए शारीरिक दक्षता और भी महत्वपूर्ण होती है। वन विभाग की भर्तियों में ऐसे नियम होते हैं। यूपीएसई की भर्ती में भी ऐसे नियम होते हैं। - देबेंद्र दलाई, मुख्य वन संरक्षक, चंडीगढ़ प्रशासन