जानकारी के अनुसार पांच दिन पहले उत्तर प्रदेश-बिहार और पंजाब के छात्रों का आपस में मेस में झगड़ा हुआ था। कॉलेज प्रबंधन की तरफ से दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझा दिया गया था। तीन दिन बाद फिर मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई। पंजाब के छात्र प्रिंसिपल के पास शिकायत लेकर पहुंचे तो प्रिंसिपल ने उन्हें जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर भेज दिया।
सोमवार को दोनों गुटों के छात्र कैंटीन में बैठे थे। इसी दौरान फिर कोई बात हुई और वहां बैठे सभी छात्र आपस में भिड़ गए। सभी छात्रों ने एक दूसरे पर कुर्सियां, वायपर, डस्टबीन और अन्य सामान उठाकर मारा। हंगामा होते ही कॉलेज प्रबंधन के अधिकारी वहां पहुंचे। उन्होंने एक बार कॉलेज बंद कराया और पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद पुलिस वहां पहुंची। कॉलेज में पढ़ने वाले सुखमनप्रीत, बलविंदर ने आरोप लगाया कि यूपी-बिहार के छात्र उन्हें बिना बात परेशान करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी बिहार के स्टूडेंट्स पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बात से नाराज पंजाब के छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की। दूसरी तरफ यूपी निवासी प्रभात कुमार, बिहार निवासी अवनीश राज ने आरोप लगाया कि पंजाब के छात्र उन्हें परेशान करते हैं। जब वह शिकायत लेकर जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने पर जोर दिया जाता है।
एसीपी साउथ जश्नदीप सिंह गिल ने बताया कि माहौल काफी खराब था लेकिन अब शांत है। अब भी पुलिस फोर्स को कॉलेज और हास्टल के बाहर तैनात किया हुआ है। बाकी जांच की जा रही है। एडीसीपी जसकरणजीत सिंह तेजा का कहना है कि दोनों पक्षों को बैठाकर विवाद को समाप्त करवा दिया गया है। दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। उन्होंने यह जानकारी ट्वीट करके यूपी और बिहार की सरकार को भी दे दी है।