7 घंटे तक चली नगर निगम सदन की कार्यवाही, इशारों में दोनों पक्ष ने एक दूसरे पर भ्रष्ट होने के आरोप लगाए
माई सिटी रिपोर्ट
चंडीगढ़। नगर निगम सदन की कार्यवाही करीब 7 घंटे तक चली। इस दौरान पक्ष बनाम विपक्ष की जगह अधिकारी बनाम पार्षद विवाद देखने को मिला। इशारों में दोनों पक्ष एक दूसरे पर भ्रष्ट होने के आरोप लगाते रहे। पार्षदों ने नगर आयुक्त से कहा कि बहुत से अफसर खेल करते हैं।
जिसका जवाब नगर आयुक्त अमित कुमार ने राहत इंदौरी के शेर- लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में। यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है। हालांकि इसको उन्होंने अपने अंदाज में थोड़ा सा बदल दिया। उनका इशारा साफ तौर पर पार्षदों पर था कि कई पार्षद गड़बड़ियों में शामिल हैं। इसके कुछ समय बाद कांग्रेस से पार्षद सचिन गालव ने शहाब जाफरी का शेर- तू इधर-उधर की न बात कर ये बता कि काफिले क्यूं लुटे,
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तिरी रहबरी का सवाल है हमें राहजन से गरज नहीं। उन्होंने साफ कहा कि अगर कुछ गड़बड़ है तो लोग ईमानदार भी हैं। ऐसे में चीजों को पारदर्शी तरीके से आने देना चाहिए।
अनूप गुप्ता ने मांगें कागज
हार्टीकल्चर वेस्ट प्रोजेक्ट का मामला भी काफी गर्म रहा। यहां पूर्व मेयर अनूप गुप्ता ने इंजीनियरिंग टीम को निशाना बनाया। उनका कहना था कि टेंडर प्रक्रिया और नई कंपनियों को काम देने में शत प्रतिशत मानकों का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी दौरान आम आदमी पार्टी की पार्षद प्रेम लता ने भी सवाल उठाया कि हार्टीकल्चर बेस कचड़े का निस्तारण जो कंपनी नगर निगम से भुगतान लेकर करती थी अब वह फ्री में कैसे करने को तैयार हो गई। यानी पहले भी वह यह काम फ्री में कर सकती है। उन्होंने निगम के पैसे के भुगतान के लिए जुर्माना लगाने तक की मांग उठा दी। साथ ही कहा कि चंडीगढ़ में जो भी प्रोजेक्ट आए, उसमें नौकरी के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके अलावा बीजेपी और कांग्रेस के पार्षदों ने भी अधिकारियों खासकर इंजीनियरिंग विंग को निशाना बनाया।
झलकियां
आपस में लड़े आप और भाजपा पार्षद
भाजपा पार्षद कंवरजीत राणा और आम आदमी पार्टी के पार्षद रामचंद्र यादव में आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। दरअसल, रामचंद्र यादव कुछ बोलने जा रहे थे। उस समय उनके पास में बैठकर कंवरजीत राणा आप के बाकी पार्षदों से बात कर रहे थे। इसका रामचंद्र यादव ने विरोध दर्ज कराया। कुछ देर तक दोनों के बीच में बहस होते रही देखते ही देखते मामला गंभीर हो गया। आखिर में वहां मौजूद बाकी पार्षदों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया।
24 घंटे पानी का प्रोजेक्ट कैंसल करने की मांग
कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने शहर में 24 घंटे पानी सप्लाई देने के प्रोजेक्ट पर कई सवाल उठाए। गाबी ने मांग की कि इस प्रोजेक्ट को रद्द किया जाए और तुरंत विजिलेंस जांच कराई जाए। उन्होंने तर्क दिया कि 500 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट 1400 करोड़ तक जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए 29 करोड़ रुपये की कंसल्टेंसी फीस दी गई है, जो कुल लागत का लगभग आठ प्रतिशत है।
यह भी तय किया
- मनीमाजरा में पॉकेट नंबर 6 को विकसित किया जाएगा। इसके लिए 10 करोड़ 25 लाख 87 हजार 456 रुपये का बजट पास किया गया। अमित कुमार ने कहा कि जब इसका विकास करेंगे तो यहां के लिए खरीदार आएंगे। यह जमीन नगर निगम बेचने की तैयारी कर रहा है। जिससे उसको 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय होने की संभावना है।
- सेक्टर 31 से 56 और मनीमाजरा की सफाई के लिए आए एजेंडों को अगले सदन में चर्चा के लिए छोड़ दिया गया। इसमें नगर आयुक्त का कहना था कि नए प्रोजेक्ट में कर्मचारी बढ़ेंगे और लागत कम आएगी। इसके अलावा ज्यादा क्षेत्रफल में सफाई का काम होगा। हालांकि इसको लेकर पार्षदों का कहना था इसमें तय होना चाहिए कि जिस कंपनी को काम दिया जाएगा, वह मौजूदा सफाई कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकालेगी। करार में इसको भी रखना चाहिए।