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आदेश की अवहेलना : जेनेरिक नहीं, पीजीआई में धड़ल्ले से लिखी जा रहीं ब्रांडेड दवाएं

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चंडीगढ़। पीजीआई प्रशासन परिसर में ब्रांडेड की बजाय जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए आदेश पर आदेश जारी कर रहा है, लेकिन परिणाम निराशाजनक है। मरीजों को न्यू ओपीडी से लेकर हर बिल्डिंग में डॉक्टर धड़ल्ले से ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ डाक्टर तो जेनेरिक दवाएं खरीदने के बाद मरीजों से उसे वापस भी करवा रहे हैं। इसी क्रम में पीजीआई प्रशासन ने सोमवार को पुन: आदेश जारी किया है, जिसमें यह स्वीकार किया गया है कि आदेश का पालन नहीं हो रहा है। साथ ही कहा है कि आदेश की अनदेखी करने पर उसे गंभीरता से लिया जाएगा। पीजीआई प्रशासन चाहता है कि मरीजों को जेनेरिक दवाएं लिखी जाएं ताकि मरीजों को सस्ती दवाएं मिल सकें। बता दें कि चंडीगढ़ प्रशासन की ओर जारी एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए पीजीआई प्रशासन ने इससे पहले 25 मई को इस संबंध में आदेश जारी किया था, लेकिन अवहेलना जारी है।
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जगह जगह चस्पा आदेश
संस्थान में जेनेरिक दवाओं को प्रमोट करने के लिए जगह जगह सूचनाएं भी चस्पा की गई हैं, जिसमें लिखा गया है कि कोई भी दवा की कंपनी या दुकान वाले परिसर में मरीजों से सीधे संपर्क न करें। ऐसी स्थिति में मरीजों की मदद के लिए 98768-86810 नंबर पर कॉल करने को कहा गया है। वहीं ओपीडी के दौरान दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों के प्रवेश पर रोक का आदेश भी लागू है। इस आदेश के पालन के लिए सुरक्षाकर्मियों को खास निर्देश दिए गए हैं।

जेनेरिक स्टोर बना कबाड़ घर, दवाएं नदारत
एक तरफ पीजीआई प्रशासन डॉक्टराें को जेनेरिक दवाएं लिखने का आदेश दे रहा है, दूसरी तरफ परिसर स्थित जन औषधि केंद्र कबाड़ घर बना हुआ है। केंद्र पर दवाओं की जगह खाली डब्बे पड़े हुए हैं। गोल मार्केट स्थित केंद्र पर कर्मचारियों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। सैकड़ों की बजाय चंद दवाओं के बल पर केंद्र का संचालन किया जा रहा है। सस्ती दवा की उम्मीद में वहां आने वाले मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है।
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सस्ती दवा तो सपना है
जन औषधि केंद्र पर दवा तो होती ही नहीं। सस्ती दवा के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है। हम जैसे मरीजों को झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। सभी एक दूसरे से मिले हुए हैं। तभी ब्रांडेड दवाएं न लिखने के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। -सरोज सिंह, मलोया
अब तो जेनेरिक दवा के नाम पर भी ठगी होने लगी है। कई दुकान वाले जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड से महंगी बेच रहे हैं। प्रशासन उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। अगर पीजीआई प्रशासन की ये मंशा है कि मरीजों को सस्ती दवा मिले तो पहले उसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। -दीपक शर्मा, हल्लोमाजरा

पीजीआई परिसर स्थित जन औषधि केंद्र के लिए दवाओं की डिमांड भेजी जा चुकी है। दो से तीन दिन में आपूर्ति हो जाएगी। जहां तक केंद्र की अव्यवस्था दूर करने की बात है तो उसके लिए पीजीआई प्रशासन से आग्रह किया गया है। -विनय मिश्रा, पीजीआई गोल मार्केट स्थित जन औषधि केंद्र के प्रभारी

मरीजों को जेनेरिक दवाएं लिखने के लिए लगातार दिशा निर्देश जारी किया गया है। जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी समय समय पर पीजीआई की टीम जांच करती है जिससे मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध हो सकें। - कुमार गौरव, डीडीए व प्रवक्ता पीजीआई
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