पंजाब में कांग्रेस के लिए बागी एक बार फिर मुसीबत बन गए हैं। कई हलकों में पार्टी का टिकट न मिलने से नाराज नेताओं ने आजाद उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया है।
दिलचस्प है कि पार्टी नेतृत्व ने अभी तक डैमेज कंट्रोल एक्सरसाइज शुरू नहीं की है। जबकि, 21 जनवरी तक नामांकन वापस लेने का समय है। साल 2012 के चुनाव में कांग्रेस की हार की एक अहम वजह कई हलकों में पार्टी के नेताओं की बगावत भी थी।
इस बार सुनाम से टिकट के दावेदार रजिंदर दीपा ने दमन बाजवा को टिकट देने के बाद आजाद के रूप में नामांकन किया है। इसी तरह लुधियाना ईस्ट से पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी के करीबी गुरमेल पहलवान ने भी आजाद प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया है।
जालंधर में तीन बागी खड़े हो गए हैं। राणा रंधावा ने जालंधर कैंट, सुरिंदर महे ने जालंधर वेस्ट और गुरविंदर अटवाल ने नकोदर से नामांकन कर दिया है। माझा में भी तीन बागी खड़े हैं।