मोहाली। जिला भाषा अधिकारी कार्यालय की ओर से साहित्यिक साथ, मोहाली डॉ. सुरिंदर कौर चौहान के कहानी संग्रह वड्डे तड़के दा सपना पर परिचर्चा की गई। इसकी अध्यक्षता डॉ. संचालन सुरिंदर कुमार दवेश्वर (पूर्व प्रोफेसर, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़) की ओर से किया गया।
एसके अग्रवाल (अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता आयोग, एसएएस नगर) मुख्य अतिथि थे। इस कार्यक्रम की शुरुआत विभागीय धुन धनु लेखरी नानका से हुई। बाद में अनुसंधान अधिकारी डॉ. दर्शन कौर ने अतिथियों एवं श्रोताओं का स्वागत किया और श्रोताओं को आयोजित चर्चा के उद्देश्य से अवगत कराया।
अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ. सुरेंद्र कुमार दवेश्वर ने कहानी संग्रह की प्रशंसा करते हुए कहा कि कहानीकार ने समाज को जो संदेश देने के लिए कहानी रची है, उसे अभिव्यक्त करने में कहानीकार पूरी तरह सफल रहे हैं। इसमें चरित्र का विकास बहुत ही मनोवैज्ञानिक तरीके से किया गया है। एसके अग्रवाल ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि इसकी प्रत्येक कहानी अंर्तद्वंद की कहानी दर्शाती है। इन परिस्थितियों में फंसे पात्र दुविधा में नजर आते हैं। कहानीकार ने यह पुस्तक पंजाब, पंजाबियों और पंजाबी स्वभाव को समझते हुए लिखी है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. मेघा सिंह ने कहा कि ये कहानियां हमें पलायन कर रहे बुजुर्गों और छात्रों, विशेषकर लड़कियों की मानसिक पीड़ा और दर्दनाक स्थिति से अवगत कराती हैं। इस कार्यक्रम में प्रो. जालौर सिंह खीवा, केएस गुरु, डाॅ. सुनीता रानी, गुरप्रीत सिंह नियामियां, ध्यान सिंह काहलों, परविंदर सिंह, बलकार सिंह सिद्धू, राज कुमार साहोवालिया, बाबू राम दीवाना, डाॅ. हैरिस बंसल, अमरजीत कौर, नीलम नारंग, सुखविंदर सिंह, जसविंदर सिंह मावी, डाॅ. निर्मल सिंह खोखर, कृष्ण राही, प्रो. दिलबाग सिंह, गुरमीत सिंघल, मनजीत सिंह, गुरविंदर सिंह और बलदेव सिंह आदि ने भी भाग लिया।
इस कार्यक्रम में पूरे अध्यक्ष मंडल को सम्मान पट्टिका से सम्मानित किया गया और डॉ. दविंदर सिंह बोहा ने चर्चा में भाग लेने के लिए अतिथियों और श्रोताओं को धन्यवाद दिया। मंच का संचालन सुखप्रीत कौर ने किया।