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केंद्रीय बजट में उद्यमियों को नहीं रास आई एक्साइज ड्यूटी

Mon, 29 Feb 2016 10:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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केंद्रीय बजट में उद्योगों पर लगाई गई एक्साइज ड्यूटी उद्यमियों को रास नहीं आई है। सूबे के कपड़ा और स्टील कारोबारियों को एक्साइज ड्यूटी से खासी नाराजगी है। यह बातें यहां पीएचडी चेंबर आफ कॉमर्स की ओर से बजट पर आयोजित परिचर्चा में सामने आई है। शहर के गणमान्य व्यक्तियों के साथ उद्यमी, अधिवक्ता और अधिकारी भी मौजूद थे।
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इस क्षेत्र के प्रसिद्ध गारमेंट्स उद्योगपति एवं अमरटैक्स समूह के चेयरमैन अरुण ग्रोवर ने कहा कि कृषि के बाद गारमेंटस के क्षेत्र में सर्वाधिक नौकरियां पैदा हो रही हैं। इसके बावजूद इसमें एक्साइज ड्यूटी बढ़ाना गलत है, फाइबर और फैब्रिक पर पहले से ही एक्साइज ड्यूटी है। उन्होंने सरकार की ओर से स्किल डेवलपमेंट सेंटरों की स्थापना किए जाने की योजना को बेहतर करार दिया।

हरियाणा चेंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष एएल अग्रवाल ने कहा कि स्टील इकाइयों पर एक्साइज ड्यूटी अधिक है और लेबर कानूनों में किसी तरह की छूट नहीं है। एमएसएमई तभी आगे बढ़ेगी, जब इन बातों पर ध्यान दिया जाएगा। अभी समय बीता नहीं है, चेंबर को यह मुद्दा सरकार के सामने रखना चाहिए।
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चेंबर के पूर्व अध्यक्ष अशोक खन्ना ने विभिन्न क्षेत्रों में लगने वाले सेस को स्पष्ट करने की वकालत की। खन्ना ने कहा कि इस बजट में वह सभी कदम उठाए गए हैं, जिनकी इस देश को जरूरत है। उन्होंने बजट को दूरदर्शी बजट करार देते हुए कहा कि बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शहरी बुनियादी ढांचे की मजबूती पर जोर दिया गया है।

यह अच्छा पक्ष है। बजट पर विचार व्यक्त करते हुए पीएचडी चेंबर की पंजाब समिति के सह-अध्यक्ष आरएस सचदेवा ने कहा कि उद्योगों के लिए बजट में कोई बड़ी राहत नहीं है। दूसरा, राज्यों के हिसाब से भी कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। इसके बावजूद सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लिए गए फैसले बजट का अच्छा पक्ष है।

भारतीय राजस्व सेवाओं की पूर्व अधिकारी सुधा शर्मा ने कहा कि हमें बजट के सकारात्मक पहलुओं को भी साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उद्योगपतियों को आभार व्यक्त करते हुए चेंबर के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. प्रवीन राठी ने कहा कि पीएचडी चेंबर एक ऐसा मंच है, जहां उद्योगपतियों द्वारा समय-समय पर अपने विचार सांझा करते हुए भविष्य की कामयाबी के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाती है।
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