राहुल गांधी के दरबार में पहुंचा अशोक तंवर और हुड्डा का विवाद
प्रदेश अध्यक्ष तंवर और पूर्व सीएम हुड्डा के बीच चल रहा विवाद अब राहुल गांधी के दरबार में पहुंच गया है। उन्होंने मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। जांच करने का जिम्मा महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील शिंदे को सौंपा गया है।
इस बीच सोमवार को राहुल गांधी के साथ हुड्डा की करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। पहले यह मुलाकात दस जनपथ में होनी तय हुई थी, लेकिन बाद में इटैलियन एंबेसी जाने के दौरान गाड़ी में राहुल की हुड्डा के साथ बातचीत हुई। इस दौरान हुड्डा ने अपना पक्ष रखा।
अब शिंदे मामले में दोनों धड़ों के लोगों से बातचीत कर हल निकालेंगे। हालांकि दोनों धड़ों को शांत करवाने का काम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के हरियाणा प्रभारी कमलनाथ भी कर चुके हैं, लेकिन यह तनातनी अब खूनखराबे तक पहुंच चुकी है।
अशोक तंवर की मेडिकल रिपोर्ट पर उठे सवाल
हरियाणा कांग्रेस प्रदेश प्रधान अशोक तंवर प्रेस कांफ्रेंस
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उधर, दिल्ली के तिलकनगर थाने में एफआईआर दर्ज होने से खफा हुड्डा समर्थकों ने अपना विरोध हुड्डा के अलावा आलाकमान के सामने भी दर्ज करवा दिया है। तंवर समर्थक पहले से ही आलाकमान पर दबाव बनाए हुए हैं।
सूत्रों की मानें तो हुड्डा समर्थकों ने राममनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सक द्वारा लिखी गई शिकायत की कॉपी को आधार बनाकर आलाकमान के सामने पेश किया है। हुड्डा समर्थकों ने तंवर की मेडिकल रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए हैं, लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस प्रकरण में दोनों धड़ों को राजनीतिक बयानबाजी पर पूरी तरह से विराम लगाने के लिए कह दिया है।
प्रकरण में हरियाणा भाजपा की ओर से तंवर गुट को मिली सहानुभूति भी कांग्रेस के लिए दिक्कत का सबब बन रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल जहां अशोक तंवर को अस्पताल देखने गए, वहीं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कांग्रेस की इस अंदरूनी कलह पर कांग्रेसियों को पगड़ी की बजाए हेलमेट लगाने की नसीहत दी है।