जलवायु परिवर्तन पर चर्चा के लिए देश-विदेश के बुद्धिजीवी सेक्टर-19 स्थित सेंटर फॉर रिसर्च इन रूरल एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (क्रिड) में एकत्रित हुए हैं। इंटरनेशनल कांफ्रेंस के दूसरे दिन मेयर फोरम का आयोजन किया गया, जिसमें देश के कई मेयर एकत्रित हुए और पर्यावरण के बदलते परिवेश पर चर्चा की। साथ ही पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले 9 लोगों को सम्मानित किया गया।
‘ग्लोबल फ्रेमवर्क इन द लोकल कॉन्टेक्स्ट: चैलेंजिस एंड द वे फॉरवर्ड’ थीम पर आयोजित इस तीन दिवसीय कांफ्रेंस के दूसरे दिन देश-विदेश से कई नामी प्रोफेसर, स्कॉलर, पॉलिसी मेकर और सरकारी अफसरों ने हिस्सा लिया। शिमला के पूर्व डिप्टी मेयर टिकेंदर पंवार ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स पर चर्चा की। उन्होंने शिमला का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वहां के दूषित पानी को कई प्रयासों के बाद पीने लायक बनाया गया।
इसके अलावा चंडीगढ़ की पूर्व मेयर आशा जसवाल ने बाहर से आए डेलीगेट्स को चंडीगढ़ के बारे में बताया। इसके बाद एक सवाल-जवाब सेशन रखा गया। इसमें सबसे ज्यादा सवाल आशा जसवाल से पूछे गए। सवालों में, वेस्ट सेग्रिगेशन के फेल मॉडल, ट्रिब्यून फ्लाई ओवर और उसकी वजह से कटने वाले पेड़ों के मुद्दे पर सवाल पूछे गए। कांफ्रेंस में बैठे एक व्यक्ति में चंडीगढ़ में 24 घंटे पानी की सप्लाई की मांग की। इन सवालों का आशा जसवाल ने जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि वेस्ट सेग्रिगेशन के लिए शहर को 4 जोन में बांटा गया है और वहां पर कर्मचारी कूड़े को अलग-अलग करेंगे। ट्रिब्यून फ्लाई ओवर पर कहा कि मामला कोर्ट में है और उन्होंने 24 घंटे पानी के बजाय तीन टाइम पानी देने का समर्थन किया। हालांकि शिमला के पूर्व डिप्टी मेयर टिकेंदर पंवार ने कहा कि 24 घंटे पानी की सप्लाई होनी चाहिए।
आशा जसवाल, रीटा कोहली समेत 9 को किया सम्मानित
इंटरनेशनल सेमिनार के दूसरे दिन पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे 9 लोगों को सम्मानित भी किया गया। इसमें पूर्व मेयर आशा जसवाल, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की वरिष्ठ वकील रीटा कोहली, पीयू के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार, आर्यर्वेदिक डॉक्टर डॉ. रामजी जयमल, हरियाणा पुलिस के एएसआई अशोक वर्मा, अंबाला गवर्नमेंट कालेज के प्रो. डॉ. सुरेश देशवाल उर्फ ग्रीन मैन, पीयू के प्रोफेसर डॉ. गंगा राम चौधरी, पूर्व मेयर कमलेश रहीं।