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डीए में भेदभाव स्वीकार नहीं: हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को दिए निर्देश, 30 जून तक कर्मचारियों-पेंशनरों को दें लाभ

Thu, 09 Apr 2026 10:25 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अदालत को  बताया गया कि आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और न्यायिक अधिकारियों को केंद्र के पैटर्न पर समय-समय पर डीए मिलता रहा है जबकि अन्य कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया। इसे शत्रुतापूर्ण भेदभाव बताया गया।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने महंगाई भत्ता (डीए) देने में कथित भेदभाव पर सख्त रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि 30 जून तक सभी पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों को इसका लाभ दिया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई से ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर डीए संशोधित करती है। पंजाब सरकार भी परंपरागत रूप से केंद्र के बराबर डीए देती रही है और राज्य के वेतन आयोगों ने भी इसी नीति को अपनाया है। 6वें पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर 2021 में नियम लागू किए गए थे और पांच किस्तों में डीए दिया गया। हालांकि 1 जनवरी 2023 से देय पांचवीं किस्त का भुगतान 1 नवंबर 2024 को किया गया।

याचिका में कहा गया कि 1 जुलाई 2023 से देय अगली किस्तें अब तक जारी नहीं हुई हैं जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

अदालत को यह भी बताया गया कि आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और न्यायिक अधिकारियों को केंद्र के पैटर्न पर समय-समय पर डीए मिलता रहा है जबकि अन्य कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया। इसे शत्रुतापूर्ण भेदभाव बताया गया।
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पंजाब सरकार ने पहले दलील दी थी कि डीए बढ़ाना नीतिगत फैसला है और यह राज्य की वित्तीय स्थिति पर निर्भर करता है। हालांकि दोबारा सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट आदेश देते हुए सरकार को 30 जून तक डीए जारी करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।
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