हरियाणा से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर उन वाहनों को कम टोल टैक्स देना होगा, जो हरियाणा में पंजीकृत हैं। इस तरह हरियाणा के वाहन चालकों को सालाना करीब 30 करोड़ रुपये का टोल टैक्स कम देना होगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को प्रदेश के अफसरों के साथ बैठक कर राज्य में टोल दरें कम करने के अपने पिछले निर्देशों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने 17 अप्रैल को अपने दफ्तर में नेशनल हाईवे अथॉरिटी और लोक निर्माण विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर बढ़ी टोल दरें वसूलने पर रोक लगाने और नई टोल नीति बनाने के निर्देश दिए थे।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से बैठक में पहुंचे सदस्य (वित्त) सतीश चंद्र ने पत्रकारों को बताया था कि हरियाणा सरकार जितना टोल दर कम करना चाहती है, उतनी राशि नेशनल हाईवे को दे दे, तो एनएचएआई को टोल दरें कम करने पर कोई ऐतराज नहीं होगा। लेकिन अथॉरिटी अपनी तरफ से टोल दरें कम नहीं करेगी।
उस समय मुख्यमंत्री ने भी पत्रकारों से कहा था कि एक सप्ताह के भीतर नेशनल हाईवे अथॉरिटी और हरियाणा लोक निर्माण विभाग के अफसर आपस में बैठकर आंकड़ों का आदान-प्रदान कर लेंगे। मगर अथॉरिटी ने पीडब्ल्यूडी को न तो कोई जानकारी दी और न ही एक अप्रैल, 2014 से बढ़ी टोल दरों में से एक पैसा भी कम नहीं किया।
रविवार को मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के अफसरों की बैठक बुलाकर उन्हें टोल दरें कम करने पर जल्द से जल्द काम करने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि नेशनल हाईवे से सभी राज्यों के वाहन गुजरते हैं। लेकिन राज्य में नेशनल हाईवे पर हरियाणा के पंजीकृत वाहनों को ही छूट का लाभ मिलना चाहिए। यह लाभ साल में 25-30 करोड़ रुपये होगा।
उन्होंने बताया कि नई टोल नीति भी लगभग तैयार है। उसे भी जल्द मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बैठक में मौजूद एक अफसर ने अमर उजाला को बताया कि हरियाणा से गुजर रहे नेशनल हाईवे पर हरियाणा के पंजीकृत वाहनों की टोल दर तो कम होगी ही, साथ में टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे में आने वाले गांवों के वाहन मालिकों को अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा।