आरएलए में वाहनों के रजिस्ट्रेशन के दौरान कार कंपनी से दिए गए डिस्काउंट को नजरंदाज कर दिया जाता है, जिससे कई वाहन मालिकों को डबल टैक्स का भुगतान करना पड़ता है।
ऐसे ही एक मामले में एक व्यक्ति ने एडवोकेट के मार्फत पंचकूला प्रशासन को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में डीसी पंचकूला से जवाब मांगते हुए कहा गया कि नियमों को ताक पर रखकर रजिस्ट्रेशन फीस ली जा रही है।
फीस लेते वक्त उस डिस्काउंट को मान्यता नहीं दी जा रही है, जो कंपनी ने गाड़ी खरीदने वाले को दिया है। गाड़ी के बिलिंग अमाउंट को नहीं मानकर एक्स शोरूम की कीमत पर फीस वसूली जा रही है।
सेक्टर-12 निवासी अभिषेक ने एडवोकेट मनोज अरोड़ा के मार्फत भेजे नोटिस में कहा है कि उन्होंने होंडा ब्रायो कार खरीदी। इसकी एक्स शो रूम कीमत छह लाख 20 हजार 444 रुपये है।
उन्होंने चंडीगढ़ से गाड़ी खरीदी थी। डिस्काउंट के बाद कार की कीमत पांच लाख 93 हजार 896 रुपये हुई। इसके बाद स्टेट टैक्स 3300 रुपये जोड़कर गाड़ी की कीमत पांच लाख 97 हजार 196 रुपये हो गई।
टैक्स स्लैब के हिसाब से इस कीमत पर तीन फीसदी रजिस्ट्रेशन चार्ज लगना चाहिए था, लेकिन उनसे एक्स शो रूम कीमत पर छह फीसदी चार्ज वसूला गया और डिस्काउंट की कीमत को नजरंदाज कर दिया गया।
कीमत छह लाख से ज्यादा होने के कारण ही उन्हें छह फीसदी टैक्स का भुगतान करना पड़ा।
दिसंबर में मिलता है हैवी डिस्काउंट
दरअसल ज्यादातर वाहन कंपनियां दिसंबर माह में वाहनों पर हैवी डिस्काउंट देती हैं। चार पहिया वाहनों की बात करें तो इस बार 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक का डिस्काउंट दिया गया है।
इसी डिस्काउंट के चक्कर में कई लोग वाहन खरीदते हैं। एक तो वाहन सस्ता मिल जाता है, दूसरा रजिस्ट्रेशन फीस में कुछ कमी आ जाती है।
पंचकूला के वाहन खरीददारों की इस सोच पर पानी फिर रहा है, क्योंकि आरएलए ने डिस्काउंट को कंसीडर ही नहीं किया।
एक अनुमान के मुताबिक, दिसंबर में करीब एक हजार वाहन डिस्काउंट पर खरीदे गए हैं, जिन्हें ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ा होगा।