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सिटी ब्यूटीफुल के भिखारियों पर चौंकाने वाला खुलासा

Mon, 11 Jan 2016 09:15 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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भिखारियों के प्रति लोगों में एक भाव बना होता है कि वे अनपढ़ हैं और इसी वजह से उन्हें नौकरी नहीं मिलती। लेकिन हाल में भारत के जनगणना विभाग की ओर से जारी एक रिपोर्ट ने भिखारियों के शिक्षा स्तर का नया खुलासा किया है।
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विभाग के आंकड़ों के मुताबिक चंडीगढ़ में कुल 114 भिखारी है। इनमें 83 पुरुष हैं और 21 महिला। करीब 40 भिखारी पढ़े-लिखे हैं। 26 भिखारियों की शिक्षा आठवीं तक है, जबकि 9 लोगों ने 12वीं तक  पढ़ाई की है।

जानकर हैरानी होगी कि पांच भिखारी ग्रेजुएट हैं और नौ टेक्नीकल डिग्री होल्डर हैं। जनगणना विभाग ने ये आंकड़े नॉन वर्कर की कैटगरी के तौर पर जारी किए गए हैं। यदि पूरे भारत की बात करें तो कुल 3.72 लाख भिखारी हैं, इनमें से 21 प्रतिशत पढ़े-लिखे हैं, जबकि तीन हजार के पास प्रोफेशनल डिप्लोमा है।
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क्या कहते हैं भिखारी
इस बारे में जब शहर के मुख्य पब्लिक प्लेस में रहने वाले भिखारियों से बात की गई तो उनमें से एक भिखारी ने नाम व जगह का नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसके माता-पिता की मौत बचपन में ही हो गई थी। उसने यूपी में दसवीं तक पढ़ाई पूरी की, लेकिन इस दौरान उसका एक्सीडेंट हो गया और उसका एक पैर कट गया।

उसके बाद वह चंडीगढ़ आ गया और भीख मांगने लगा। इसी तरह से एक 40 वर्षीय भिखारी ने बताया कि वह आठवीं तक पढ़ा-लिखा है और चंडीगढ़ में ही राज मिस्त्री का काम करता था। करीब पांच साल पहले उसका एक्सीडेंट हो गया। पैर में काफी चोट आई और उसके बाद से काम पर नहीं जा सका।

अब एक मंदिर के बाहर भीख मांगता है। कभी-कभी वे अंबाला व हरिद्वार भी जाकर भीख मांगता है। अमर उजाला की छानबीन में पता चला कि इस वर्ग में सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे वे लोग हैं, जो शनिवार को शनिदेव के नाम पर मंदिर व घर-घर जाकर भिक्षा मांगते हैं। एक ने बताया कि यह भीख मांगना उसका पार्ट टाइम जॉब है और वह ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है।

1224 बच्चे मांगते हैं भीख
चंडीगढ़ कमीशन फार प्रोटेक्शन आफ चाइल्ड राइट्स ने भी भिखारी बच्चों पर हाल ही में एक सर्वे किया था। पंजाबी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट द्वारा आयोजित सर्वे में पता चला कि चंडीगढ़ में कुल 1224 बच्चे भीख मांगते हैं। इनकी उम्र तीन साल से लेकर 18 साल तक है। बातचीत के दौरान पता चला कि भीख मांगने की मुख्य वजह गरीबी, नशा और पलायन है। इन बच्चों की रोजाना इनकम 250-300 रुपये है। इसमें यह भी पता चला था कि वे रोजाना 70 रुपये पुलिस को भी देते हैं।

चंडीगढ़ में पकड़ा गया था हाइ-प्रोफाइल भिखारी
करीब पांच साल पहले पुलिस ने एक हाईप्रोफाइल भिखारी पकड़ा था। 55 वर्षीय शंकर मेहता को सरकारी गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से लेटेस्ट मोबाइल और कई इलेक्ट्रानिक्स आइटम मिले थे। जिस गेस्ट हाउस से वह गिरफ्तार हुआ था, उसका वह हर महीने तीन हजार रुपये किराया देता था। गर्मियों के सीजन में वह शिमला शिफ्ट हो जाता था।
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