फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: करोड़ो के बिटकॉइन स्कैम में आरोपी पंकज अदलखा की डिस्चार्ज आवेदन खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। जिला अदालत ने करीब पांच साल पुराने बिटकॉइन स्कैम में पकड़े आरोपी पंकज अदलखा की ओर से दाखिल डिस्चार्ज आवेदन को खारिज कर दिया। करोड़ों रुपये के इस बिटकॉइन स्कैम का खुलासा 2018 में तब हुआ जब चंडीगढ़ पुलिस को दर्जनभर से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं।मामले में पुलिस डिस्चार्ज याचिका दायर करने वाले पंकज समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अमित भारद्वाज भी आराेपी था, जिसने सिर्फ चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में बिटकॉइन के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला किया था। अमित की पिछले साल बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपियों ने बिटकॉइन में निवेश करा लोगों को 180 प्रतिशत का रिटर्न मिलने का लालच दे ठगी का शिकार बनाया। इस पूरे स्कैम को लेकर पुलिस ने जिला अदालत में अलग-अलग समय पर चार चार्जशीट दायर की गई। इन पर कोर्ट में अभी भी अदालती कार्रवाई चल रही है।
विज्ञापन

खुद को पीड़ित बता दायर की डिस्चार्ज याचिका
करोड़ों रुपये के बिटकॉइन स्कैम में पकड़े गए आरोपी पंकज अदलखा ने खुद को पीड़ित बताते हुए अदालत में डिस्चार्ज याचिका दायर की। उसने याचिका में कहा कि उसके खुद के साथ अमित भारद्वाज ने लाखों रुपये की ठगी की है। जिसे लेकर उसने दिल्ली पुलिस को शिकायत भी दी थी। पंकज की ओर से याचिका के जरिए कोर्ट को बताया गया कि अमित के झांसे में आकर उन्होंने उसकी कंपनी में लाखों रुपये का निवेश किया था। उसने याचिका में कहा कि उसे इस केस में झूठा फंसाया गया है, इसलिए उसके खिलाफ चल रहे केस को खारिज कर दिया जाए। वहीं, सरकारी वकील ने डिस्चार्ज एप्लीकेशन का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता आरोपी के खिलाफ 15 से अधिक शिकायतें है, जिनकी जांच चंडीगढ़ पुलिस की ओर से की जा रही है। आरोपी ने बिटकॉइन में निवेश का लालच देते हुए उन्हें ठगी का शिकार बनाया। पीड़ितों का न तो बिटकॉइन मिले और न ही बताए अनुसार फायदा।


ये है मामला...
साल 2018 में चंडीगढ़ पुलिस के पास पहली बार बिटकॉइन में निवेश करा लोगाें को 180 प्रतिशत रिटर्न का लालच देते हुए ठगी करने का मामला पहुंचा। बिटकॉइन खरीद-फरोख्त के इस स्कैम को लेकर मनोज गर्ग, अमरदीप सिंह और सुखबीर सिंह उप्पल ने चंडीगढ़ पुलिस को अपने साथ हुई ठगी की शिकायत दी थी। अमरदीप ने 43.5 लाख रुपये, मनोज गर्ग ने 15.30 लाख रुपये और सुखबीर सिंह उप्पल ने 41 लाख रुपए इन्वेस्ट कर दिए, लेकिन न तो उन्हें बिटकॉइन मिले और न ही उनके रुपये लौटाए गए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें