आईएएस अधिकारी के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी के लापता होने के लगभग 29 साल पुराने मामले की सुनवाई मंगलवार को सीबीआई अदालत में हुई। इस दौरान पंजाब पुलिस ने अदालत में अपना जवाब दायर करते हुए कहा कि सीबीआई के पास मामले से संबंधित सारी जानकारी है लेकिन उसे जानबूझकर पंजाब पुलिस के साथ साझा नहीं किया जा रहा है।
पंजाब पुलिस ने कहा कि सीबीआई के पास मामले से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट है, लेकिन वह दावा कर रही है कि यह हाईकोर्ट और जांच एजेंसी के बीच का मामला है इसलिए इस जानकारी को साझा नहीं किया जा सकता। कहा कि सीबीआई ने इससे पहले कहा था कि उनके पास केस से संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं है और उन्होंने नियमों के अनुसार रिकॉर्ड को नष्ट कर दिया है लेकिन अब सीबीआई कह रही है कि यह सीबीआई और हाईकोर्ट के बीच की बात है इसलिए इस जानकारी को साझा नहीं किया जा सकता।
पंजाब पुलिस ने कहा कि सीबीआई का यह तर्क गलत है कि उनके पास केस से संबंधित जानकारी नहीं है। असल में वह पंजाब पुलिस के साथ जानकारी शेयर नहीं करना चाहती है। पंजाब पुलिस कहा कि 2016 में हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट वापस कर दी थी लेकिन अब वह हाईकोर्ट के साथ आंतरिक संवाद का बहाना बनाकर जानकारी साझा नहीं करना चाहते हैं। अब इस मामलेे में फैसले पर 20 जुलाई को दोनों पक्ष की ओर से अंतिम बहस होगी। अगली सुनवाई पर इस मामले में फैसला आ सकता है।
सीबीआई ने अंतिम सुनवाई पर अपना जवाब दायर करते हुए कहा था कि वह पंजाब पुलिस के साथ किसी भी जानकारी को साझा नहीं कर सकते क्योंकि यह सीबीआई और हाईकोर्ट के बीच आंतरिक बातचीत का मामला है। इससे पहले सीबीआई ने कहा था कि उनके पास मामले से संबंधित एफआईआर का कोई रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने नियमों के अनुसार रिकॉर्ड को खत्म कर दिया है। दरअसल, 29 साल बाद पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी समेत चंडीगढ़ पुलिस के आठ पूर्व मुलाजिमों पर किडनैपिंग का केस दर्ज किया गया है।
पंजाब पुलिस इस मामले में दोबारा जांच कर रही है। इसलिए पंजाब पुलिस ने याचिका दायर कर सीबीआई से पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी मामले से संबंधित एफआईआर का रिकॉर्ड मांगा था।