कृष्णा रानी ने बताया कि उन्होंने 2015 में पात्रता योग्यता परीक्षा पास कर ली थी। हरियाणा सरकार ने उनके जैसा हजारों युवाओं को आश्वस्त किया था कि जल्दी ही जेबीटी की भर्तियां निकालेंगी। आठ साल से हजारों युवा इन भर्तियों का इंतजार कर रहे हैं। इसी आस में बहुत से युवाओं की पात्रता योग्यता एक्सपायर हो चुकी है और बहुतों की होने वाली है।
हरियाणा: जमीनों की खरीद-फरोख्त में हुआ भ्रष्टाचार, सरकार ने रजिस्ट्रियों पर लगाई रोक
मौजूदा राज्य सरकार भी जल्द जेबीटी भर्तियां निकालने का ऐलान कर चुकी है। लेकिन इसका इंतजार करते-करते अब उनकी आस टूटने लगी है। इसलिए उन्होंने मजबूरीवश अपने बेटे के इलाज के लिए अपनी किडनी बेचने की अनुमति मांगी है। कृष्णा रानी के अनुसार, उन्हें पूरी उम्मीद है कि यदि भर्तियां निकलती हैं तो वे इसे क्लीयर करके जेबीटी का रोजगार पा सकती हैं।
युवा एक्टिविस्ट श्वेता ढुल ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है। भर्तियों के इंतजार में आज परिस्थितियां ऐसी बन गई है कि एक दिव्यांग बेरोजगार महिला को अपनी किडनी बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए।
जीबीटी एचटेट पास एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पाल ने बताया कि हरियाणा में इस समय एक लाख से अधिक युवा उम्मीदवार जेबीटी पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। मगर वर्ष 2012 के बाद से सरकार ने नियमित जेबीटी भर्ती का कोई विज्ञापन नहीं निकाला है। पात्रता परीक्षा पास प्रमाण पत्र की वैधता 5 साल की होती है।
पहली बार प्रमाण पत्र और रिजल्ट डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रखेगा शिक्षा बोर्ड, छात्रों को होगा ये फायदा
भर्ती के इंतजार में हजारों उम्मीदवारों की पात्रता योग्यता एक्सपायर हो चुकी है। इस साल भी दिसंबर तक करीब 15 हज़ार युवाओं की पात्रता भी एक्सपायर हो जाएगी। इसी संदर्भ में एक याचिका के दौरान हाईकोर्ट सरकार को जल्द इन भर्तियों का विज्ञापन निकालने का आदेश दे चुका है। मौलिक शिक्षा निदेशालय में इस बाबत 2 महीने में भर्तियां निकालने बात कही थी।
साथ ही यह बताया था कि इस वक्त 5695 पद भी रिक्त पड़े हैं। प्रदेशाध्यक्ष राजेश पाल के अनुसार, उसके बावजूद सरकार ने अभी तक भर्तियां नहीं निकाली है और अब अवमानना संबंधी केस हाईकोर्ट में डाला गया है। जिसकी अगली सुनवाई अगस्त में होगी।