कुछ कर गुजरने का जज्बा और हौंसला हो तो दिव्यांगता भी सफलता के रास्ते में नहीं आती। आपको सुना रहे हैं, ऐसे ही एक स्टूडेंट की कहानी। हरियाणा के एक गांव रोड़ी में दिव्यांग छात्र गुरपाल की ओर से शिक्षा बोर्ड से उसे लेखक मुहैया करवाने की मांग के बाद विभाग ने उक्त छात्र को इसकी अनुमति दे दी है। वीरवार को छात्र का हिंदी का पेपर था जो उसने लेखक के जरिए समयावधि में पूरा कर दिया।
गौरतलब हो कि गांव रोड़ी निवासी बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाला गुरपाल सिंह हाथों व पैरों से निशक्त होने के कारण उसे परीक्षा देने में परेशानी महसूस हो रही थी। छात्र ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को एक पत्र भेजकर अवगत करवाया कि सात मार्च से शुरू होने वाली बारहवीं की परीक्षा में उसे एक लेखक छात्र मुहैया करवाया जाए ताकि वह अपनी परीक्षा मुकम्मल ढंग से पूर्ण कर सके।
छात्र की उक्त मांग पर बोर्ड ने उसे इसकी परमिशन दे दी। मंगलवार से शुरू परीक्षा के प्रथम दिन छात्र ने अपने सहपाठी लेखक छात्र तेजेंद्र सिंह का सहयोग लेकर परीक्षा दी। दिव्यांग छात्र गुरपाल सिंह लेखक के जरिए इंग्लिश व हिंदी के दो पेपर दे चुका है। छात्र ने बताया कि वह मुंह से लिखकर भी परीक्षा दे सकता है लेकिन समय की पाबंदी आड़े आने के कारण उसे परेशानी आ रही है।