हरियाणा कैडर के एचसीएस अधिकारी रीगन कुमार को उत्कर्ष सोसायटी में अधीनस्थ कर्मचारी के साथ जबरदस्ती करने के मामले में शिक्षा निदेशालय की सात सदस्यीय कमेटी ने भी आरोपी ठहरा दिया है। कमेटी की चेयरपर्सन अतिरिक्त निदेशक एकेडमिक किरण मई ने यौन उत्पीड़न मामले की जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी है। अब कार्रवाई का इंतजार है। सात सदस्यीय कमेटी ने जांच में पाया है कि रीगन कुमार ने बीते 29 मई को पीड़ित युवती के साथ छेड़छाड़ की थी।
कमेटी के सामने पीड़िता, उसके भाई और उत्कर्ष सोसायटी में काम करने वाले 20 से ज्यादा कर्मचारियों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। सभी ने बयानों में पीड़िता के साथ एचसीएस के जबरदस्ती करने की बात कही है। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा है कि आरोपी रीगन कुमार को अपना पक्ष रखने के लिए तीन बार समन किया गया, लेकिन वह चौथी बार बुलाने पर पहुंचे।
आरोपी ने कमेटी के सामने अस्वस्थ होने का बहाना भी बनाया, जबकि कमेटी ने उन दिनों की उत्कर्ष सोसायटी की सीसीटीवी फुटेज में रीगन कुमार को कार्यालय आते देखा है। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार अगर सरकार ने कार्रवाई की तो एचसीएस अधिकारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। चूंकि, प्रदेश सरकार महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किए हुए है।