चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो एयरइंडिया और एक्सप्रैस ने औपचारिकताएं पूरी करके अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की तिथि और शैड्यूल जारी कर दिया है। चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो 26 सितंबर से दुबई के लिए उड़ान शुरू करने जा रहा है और आगामी 15 नवंबर तक एयरइंडिया एक्सप्रैस भी शारजाह के लिए सीधी फ्लाइट शुरू कर देगा।
इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रैस ने यह जानकारी बुधवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले पर जारी सुनवाई के दौरान कोर्ट को दी। पिछली सुनवाई की तरह ही बुधवार को भी जैसे ही मामले की सुनवाई शुरू हुई, हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने केंद्र सरकार से चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के बारे में जवाब मांगा। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि इंडिगो ने अपनी उड़ान का शैड्यूल जारी कर दिया है। यह भी बताया गया कि एयर इंडिया की उड़ानों को लेकर प्रक्त्रिस्या जारी है और जल्द ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। एयरइंडिया एक्सप्रैस के बारे में कहा गया कि वे स्लाट मिलते ही अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरु कर देंगे और उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस साल 15 नवंबर तक इस एयरपोर्ट से शाहजाह के लिए नियमित उड़ान शुरू कर दी जाएगी।
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि एयर इंडिया और केंद्र सरकार मिलकर एसओपी व अन्य औपचारिकताएं पूरी करके उड़ान की तिथि और शैड्यूल जारी करें। इसके बाद हाईकोर्ट ने रनवे, कैट-3 सिस्टम और वॉच टावर के बारे में सवाल पूछे, जिस पर केंद्र सरकार ने बताया कि वॉच टावर को रात 8 बजे से बढ़ाकर 10 बजे तक करने की दिशा में काम किया जा रहा है। यह भी बताया गया कि वाच टावर पर दो लोगों की नियुक्ति की जानी है, जिसके लिए छह माह का समय लगेगा और उन्हें डेढ़ साल की ट्रेनिंग भी करवानी होगी।
केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि इसके बाद ही चंडीगढ़ में वाच टावर को 24 घंटे चलाया जा सकेगा। यह भी जानकारी दी गई कि शनिवार और रविवार को वॉच टावर दिन में 12 बजे तक ही काम करेगा। इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि शनिवार और रविवार को ही लोग छुट्टियों के लिए निकलते हैं और इन्हीं दिनों दोपहर 12 बजे के बाद चंडीगढ़ से फ्लाईट नहीं होगी।
एयरपोर्ट को लेकर हाईकोर्ट का सख्त रवैया बरकरार
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हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा करके विमान कंपनियों के लिए कॉमर्शियल तौर पर उड़ान जारी रखना कठिन बनाने की कोशिश की जा रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली वाले सब जानते हैं और ऐसा लगता है कि उन्हीं के प्रयासों से यह सब हो रहा है।
हाईकोर्ट ने वॉच टावर पर दो लोगों की नियुक्ति को लेकर डेपुटेशन या अन्य विकल्प के जरिए जल्द से जल्द नियुक्ति करने के आदेश देते हुए केंद्र सरकार से कहा कि सचिव रक्षा मंत्रालय, सचिव नागरिक उड्डयन, सचिव हवाई अड्डा प्राधिकरण और डीजीसीए मिलकर बैठक करें और बैठक में वॉच टावर पर नियुक्तियों के साथ, चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कैट-3 की इंस्टालेशन और रनवे की रिसर्फेसिंग के बारे में रोडमैप तैयार किया जाए। हाईकोर्ट ने इसके साथ ही रनवे की रिसर्फेसिंग का टेंडर 31 अगस्त तक निकालने के भी आदेश दिए।
केंद्र सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए पूरी तरह तैयार है और यहां से इस समय भी अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने जारी हैं, हालांकि यह सभी उड़ाने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं, जिनका खुलासा नहीं किया जा सकता। लेकिन इन अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों से यह साफ है कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट तैयार नहीं होने की बात गलत है।
एयरपोर्ट को लेकर हाईकोर्ट का सख्त रवैया बरकरार
बुधवार को इस मामले पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे मामले को फिर से उस जगह ला खड़ा किया है, जहां ऐसा लग रहा है कि केंद्र सरकार की अंतर्राष्ट्रीय उड़ान शुरू करने की इच्छा नहीं है। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि एयरपोर्ट को ताला लगाकर जमीन किसानों को वापस क्यों नहीं कर दी जाती। अदालत ने कहा कि इस एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 1400 करोड़ खर्च किए गए हैं और एयरपोर्ट बनाते हुए यह नहीं सोचा गया कि रनवे की री सर्फेसिंग भी करनी है। दुनिया में ऐसा कोई एयरपोर्ट नहीं है जिसे इस कार्य के लिए बंद किया जाता हो।
पंजाब और यूटी प्रशासन को निर्देश
हाईकोर्ट ने बुधवार को पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश जारी किए कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर केंद्र सरकार द्वारा टैक्सी रनवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव पर विचार किया जाए। इससे पहले केंद्र सरकार ने कहा कि इस बारे में पंजाब सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है और इस पर निर्णय जल्द होना चाहिए ताकि विमानों को खड़ा करने के लिए स्थान अलग से तैयार हो सके।