गोइंदवाल की घटना के बाद से ही जेल प्रशासन लगातार तीन दिन से बैरकों को खंगाला रहा है। शनिवार और रविवार की रात को सर्च के दौरान दो लोहे के पीपे से बनाई पत्तियां और एक वाटर पाइप को घिसकर तैयार किया नुकीला रॉड बरामद हुआ था। सोमवार की सर्च में कुछ नहीं मिला है। उन्होंने तो यहां तक दावा कर दिया कि बरामद हथौड़े जेल के हैं।
लॉरेंस और जग्गू के गुर्गों को अलग-अलग बैरकों में भेजा
उधर, माडर्न जेल प्रशासन ने लॉरेंस और जग्गू गैंग के छह-छह गुर्गों को अलग-अलग हाई सिक्योरिटी जोन में भेज दिया है। एसपी (जेल) इकबाल सिंह धालीवाल ने बताया कि इन दोनों गैंग के गुर्गे कहीं आपस में न भिड़ जाए, इसके लिए सिक्योरिटी बढ़ाई गई है और दोनों हाई सिक्योरिटी जोन की बैरकों के बाहर भी जेल कर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई है।
एडीजीपी जेल ने जांची माडर्न जेल की सुरक्षा व्यवस्था
सोमवार को एडीजीपी जेल बी. चंद्रशेखर ने माडर्न जेल कपूरथला का औचक निरीक्षण किया। एसपी (जेल) इकबाल सिंह धालीवाल के साथ एडीजीपी ने माडर्न जेल की सभी बैरकों और हाई सिक्योरिटी जोनों की बैरकों का गहनता से दौरा किया और सुरक्षा के इंतजामात का बारीकी से अध्ययन किया। एडीजीपी ने जेल की सुरक्षा प्रबंधों पर तसल्ली व्यक्त की।