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खुशखबरी, फिर गिरेंगी डीजल की कीमतें

Thu, 16 Oct 2014 04:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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यूटी प्रशासन की ओर से चंडीगढ़ में डीजल पर वैट कम करने की अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी गई। इस अधिसूचना के जारी होने के बाद शहर के लोगों को 15 दिनों के अंदर आपत्ति दर्ज कराने को कहा गया है। चंडीगढ़ में डीजल का नया रेट 1 नवंबर से लागू होगा और डीजल पर वैट पंजाब के बराबर कर दिया जाएगा।
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चंडीगढ़ में इस समय डीजल पर 12.5 फीसदी वैट लगता है। एक अक्तूबर से पंजाब में डीजल पर वैट 1 फीसदी बढ़ने से यह 9.75 फीसदी हो गया है। ऐसे में चंडीगढ़ में भी डीजल पर वैट 12.5 से कम होकर 9.68 फीसदी हो सकता है।

उपायुक्त मोहम्मद शाईन ने कहा कि डीजल पर वैट कम करने की अधिसूचना जारी हो गई है। एक नवंबर से नया रेट लागू हो जाएगा। डीजल पर वैट पंजाब के बराबर कर दिया जाएगा। चंडीगढ़ में अभी डीजल का रेट 60.04 रुपये प्रति लीटर है और वैट कम होने से डीजल एक से डेढ़ रुपये तक सस्ता हो जाएगा।
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सांसद किरण खेर के पत्र के बाद यूटी के प्रशासन ने डीजल पर वैट को कम करने का निर्णय लिया और प्रशासक शिवराज पाटिल ने इस पर अपनी मुहर भी लगा दी है। चंडीगढ़ पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन लंबे समय से डीजल पर वैट कम करने की मांग कर रहे थे।

कंबल, मिठाई भी होंगी सस्ती

शहर में जल्द ही कई और चीजें भी सस्ती हो सकती हैं। बुधवार को यूटी की वैट एडवाइजरी कमेटी की उपायुक्त मोहम्मद शाईन की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया कि चंडीगढ़ में मिठाई, कंबल जैसी कई चीजों पर पांच फीसदी वैट लिया जाता है जबकि पंजाब और हरियाणा में इन चीजों पर वैट नहीं है।

इस पर सदस्यों को आश्वासन दिया गया कि जिस तरह से डीजल पर वैट कम कर उसे पंजाब के बराबर लाया गया है, वैसे ही जल्द ही उन सभी चीजों पर वैट को पड़ोसी राज्यों के बराबर लाया जाएगा जिन पर चंडीगढ़ में वैट ज्यादा है।

वैट सलाहकार समिति के सदस्य और ट्रेडर्स एसोसिएशन, सेक्टर-17 के अध्यक्ष कमलजीत सिंह पंछी ने कहा कि बैठक में आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी वैट कम करने पर राजी हो गए हैं और जल्द ही इस बारे में फैसला हो जाएगा।
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अब चार और बैंकों में वैट होगा जमा

वैट सलाहकार समिति की बैठक में व्यापारियों की मांग पर यह तय हुआ कि वैट की पेमेंट अब चार और बैंकों में जमा हो सकेंगी। अभी तक वैट की पेमेंट सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक में ही जमा होती थी। लेकिन, अब व्यापारी वैट की पेमेंट बैंक ऑफ बड़ोदा, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, पंजाब नेशनल बैंक और ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स में भी जमा करा सकेंगे।

बैठक में व्यापारियों की कई और मांगों को मान लिया गया। बैठक में यह भी तय हुआ कि एक करोड़ रुपये तक की सालाना सेल है उन्हें असेसमेंट के नोटिस नहीं भेजे जाएंगे। अनिवार्य ऑडिट लिमिट 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये सालाना की जाएगी। इसके साथ ही सी फार्म अगले सप्ताह से ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। इससे वैट डीलर्स को काफी लाभ मिलेगा।

यह भी तय हुआ कि एक करोड़ रुपये से कम के वैट असेसमेंट केसों को यह मान लिया जाएगा कि उनकी असेसमेंट हो चुकी है। चंडीगढ़ व्यापार मंडल (सीबीएम) के अध्यक्ष चरंजीव सिंह ने कहा कि सीबीएम व्यापारियों की कई मांगों को मनवाने में सफल रहा है और इससे उन्हें राहत मिलेगी।
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