फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डायरिया : पानी के सभी सैंपल फेल, 13 नए मरीज मिले, पीड़ितों की संख्या 329 पहुंची

विज्ञापन
विज्ञापन
जीरकपुर। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत के बाद गांव नाभा में डायरिया के मरीजों के मिलने का सिलसिला अभी रुका नहीं है। पांचवें दिन 13 नए पीड़ित मिले। अब डायरिया मरीजों की संख्या 329 पहुंच गई है। पांच दिन पहले लिए पानी के सभी चार सैंपल फेल आए हैं। इसमें एक ट्यूबवैल और तीन अन्य जगह से लिए गए थे। गांव में पानी की आपूर्ति अभी भी टैंकरों से की जा रही है। मंगलवार को भी गांव में 40 टैंकर भेजे गए। स्वास्थ्य विभाग, पेयजल विभाग और नगर परिषद की टीमें गांव में सक्रिय हैं।
विज्ञापन

पांचवें दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के 70 घरों का सर्वे किया। इस दौरान टीम ने 17 नए मरीजों को चिह्नित किया। इसमें 13 डायरिया, एक उल्टी और तीन मरीज बुखार से पीड़ित थे। मेडिकल कैंप में मंगलवार को भी पीड़ितों को मुफ्त दवाइयां वितरित की गईं। मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर जतिंदर सिंह गिल, रूपिंदर सिंह की टीम ने गांव में घर-घर जाकर सर्वे किया। सर्वे के दौरान दस्त, उल्टी, बुखार के कई मरीजों को तुरंत गांव के गुग्गा माड़ी में लगे मेडिकल कैंप में भेजा गया। डॉ. अंजुमन खान ने मरीजों की जांच की और उन्हें मौके पर ही जरूरी दवाइयां दीं। गंभीर मरीजों को तुरंत इलाज के लिए मुफ्त एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से सरकारी अस्पताल भेजने की भी व्यवस्था की गई। इस अवसर पर टीम के साथ आशा कार्यकर्ता विशाल शर्मा, मनजीत कौर, ब्रीडिंग चेकर लवप्रीत सिंह, जशनप्रीत सिंह, हरविंदर सिंह भी मौजूद रहे।

सहमे हैं गांव के लोग
गांव नाभा के डायरिया की गिरफ्त में आते ही प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे। पानी के सैंपल लेने के साथ ही गांव में ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। दो लोगों की मौत के बाद गांव के लोग सहमे हुए हैं। अब नगर परिषद पानी की पाइप लाइनों को साफ करने में जुटी हुई है। हर घर को क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
विज्ञापन




सेहत विभाग की टीम लगातार गांव के लोगों को सेवाएं प्रदान कर रही है। डायरिया के मरीज अभी भी आ रहे हैं। रिपोर्ट में यहां का पानी असुरक्षित पाया गया है। नगर परिषद इसे सही करने के प्रयास कर रही है। सारे प्रबंध मुकम्मल करने के बाद फिर से यहां के पानी को टेस्ट करवाए जाएंगे। पानी की सही रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी सप्लाई चालू करवाई जाएगी। -डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सीनियर मेडिकल अफसर, सिविल अस्पताल, डेराबस्सी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें