आप विधायकों और पुलिस में धक्कामुक्की।
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आम आदमी पार्टी ने महंगी बिजली के मुद्दे पर विधानसभा के बाहर धरना दिया। फिर पुतला और टेडी बियर अंदर ले जाने की कोशिश कर रहे आप विधायकों की पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई। आप ने वीरवार को भी महंगी बिजली के मुद्दे पर सदन में हंगामा किया था। शुक्रवार सुबह भी प्रदेश प्रधान भगवंत मान की अगुवाई में पार्टी ने विधानसभा के प्रवेश द्वार के सामने धरना दिया।
इस दौरान सरकार और अकाली दल के खिलाफ नारेबाजी की गई। पार्टी ने बोझ तले दबी जनता का एक पुतला तैयार किया था। साथ ही दो टेडी बियर थे, जिन पर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल के मास्क लगे थे। करीब 45 मिनट तक धरना देने के बाद आप विधायक पुतला और टेडी बियर लेकर अंदर जाने लगे।
पुलिसकर्मियों ने इसकी इजाजत नहीं दी तो दोनों पक्षों के बीच करीब दस मिनट तक धक्का-मुक्की हुई। उसके बाद वे पुतला और टेडी बियर के बगैर ही अंदर गए। मान ने सुखबीर पर बिजली माफिया पैदा करने और सीएम पर उसके सामने घुटने टेकने का आरोप लगाया। उन्होंने घातक बिजली समझौते रद्द करने की मांग की। सदन में भी आप ने इस मुद्दे को लेकर वाक आउट किया।
सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा और अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकार ने बिजली समझौते रद्द करने को लेकर लाए प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। वहीं, अकाली दल इस मुद्दे पर मूकदर्शक बना रहा। इससे साबित होता है कि कांग्रेसी और अकाली बिजली माफिया को सरपरस्ती दे रहे हैं। कांग्रेस सरकार द्वारा बिजली के मुद्दे पर बजट सत्र में श्वेत पत्र लाने के एलान पर चीमा ने कहा कि सरकार चाहे जिस रंग का पेपर ले आए, लोगों को सिर्फ सस्ती बिजली चाहिए। जब तक निजी थर्मल प्लांटों से किए समझौते रद्द नहीं किए जाते सस्ती बिजली संभव नहीं है।