चंडीगढ़। करीब 100 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में जुलाई 2024 में आरोपी पक्ष को क्लीन चिट देने के मामले में सस्पेंड किए गए इंस्पेक्टर रणजीत सिंह व दो हेड कांस्टेबलों को पुलिस मुख्यालय द्वारा वीरवार को बहाल कर दिया गया है। इंस्पेक्टर रणजीत व हेड कांस्टेबल बहादुर सिंह और राजेंद्र सिंह को मुख्यालय एसपी केतन बंसल ने सस्पेंड किया था और इनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए थे।
इंस्पेक्टर रणजीत सिंह उस समय ट्रैफिक और अन्य साइबर क्राइम थाने में ही तैनात थे। वर्ष 2019 में चीन से एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के जरिये वर्क परमिट वीजा पर एक चीनी नागरिक कुक बनकर भारत आया। उसने दिल्ली के एक कंपनी में नौकरी की। यह कंपनी लोगों को तत्काल, बिना वेरिफिकेशन लोन देती थी। इसकी जांच में आरबीआई ने फरवरी 2022 में भारत में कंपनी का संचालन बंद करवा दिया। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल एप के जरिये गिरोह बनाना शुरू कर दिया। वह जरूरतमंद लोगों को अच्छे वेतन का झांसा देकर अपनी कंपनी में शामिल कर लेता था। इसके साथ ही वह उन्हीं से लोगों को लोन के नाम पर फंसाने व अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर वसूली करवाने का करता था। इस कंपनी से 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी की गई। इसके संबंध में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। मामले में आरोपी चीनी नागरिक को गिरफ्तार भी किया गया था। पुलिस जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि इंस्पेक्टर रणजीत ने जांच में आरोपी पक्ष को क्लीन चिट दी है।