चंडीगढ़ डीजीपी संजय बेनीवाल के कुक समेत सात लोगों से 17.18 लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई। शातिर ने पूरे देश में टॉप राइड कैब को लांच करने का लालच देकर बदले में हर महीने किस्त मोटी किस्त देने का झांसा दिया, लेकिन जब किस्त नहीं आई तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सेक्टर-26 थाना पुुलिस ने टॉप राइड कैब सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के सीओ जितेंद सिंह, रमेश, पीके मिश्रा और विशवेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मनोज चमोली सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में परिवार समेत रहते हैं। मनोज डीजीपी के कुक हैं और कभी कभी उनकी ड्यूटी पुलिस लाइन मेस में भी लग जाती है। कुछ दिनों पहले उनके मोबाइल पर व्हॉटसअप कॉलिंग आई। फोन पर बोलने वाले ने खुद का नाम पीके मिश्रा बताकर बोला कि वह आगरा गांधी नगर स्थित टॉप राइड कैब सर्विस प्राइवेट लिमिटेड में काम करता है। इस कंपनी के डायरेक्टर जितेंद्र सिंह और विशवेंद्र सिंह ओला व उबर की तरह पूरे देश में कैब सर्विस लांच करने जा रहे हैं। अभी कंपनी सिर्फ आगरा में सर्विस दे रही है। कंपनी को फंड व इन्वेस्टमेंट चाहिए।
इसके एवज में कंपनी अच्छा रिटर्न देगी। इसके बाद पीके मिश्रा ने जितेंद्र सिंह और विशवेंद्र सिंह से बात करवाई। उन लोगों ने भरोसा जताया कि यह इन्वेस्टमेंट उसके लिए फायदेमंद है। इसके बाद उन लोगों ने कंपनी में रुपये इन्वेस्ट करने का पूरा प्लान बताकर झांसे में ले लिया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने और 6 उसके जानकारों ने 17,18500 रुपये उनके खाते में जमा कर दिए। इसके बाद उन लोगों ने आना कानी शुरू कर दी। इससे तंग आकर मामले की सूचना पुलिस को दी। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने मामले की जांच के बाद केस दर्ज किया।
15 महीने तक मिलने थे रुपये
बताया गया कि शातिरों ने प्लान बताया था कि कंपनी में कम से कम 59 हजार रुपये निवेश करने होंगे। रिफंड के तौर पर 15 महीने तक 9 हजार रुपये उनके खाते में आएंगे। जितने रुपये जमा होंगे, उसी के हिसाब से रिफंड और ज्यादा बढ़ जाएगा। इस ठगी में अलग अलग राशि में रुपये जमा कराए गए।
लगातार बढ़ रहे है ठगी के मामले
ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लोग शातिरों के चंगुल में आसानी से फंसकर ठगी का शिकार जाते हैं। बता दें कि हाल में बैंक अधिकारी बनकर चीफ जस्टिस का डेबिट कार्ड ब्लॉक होने का झांसा देकर सवा दो लाख उड़ा दिए थे।