चंडीगढ़। भगवान जगन्नाथ मौसी के घर से लौट आए हैं। भगवान रथयात्रा के दौरान भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मौसी के घर चले गए थे। सेक्टर-31 स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से मंगलवार को बहुडा यात्रा का आयोजन हुआ। इस दौरान भगवान जगन्नाथ अपने श्रीमंदिर में रत्न सिंहासन पर विराजमान हुए।
मौसी के घर से मंदिर लौटने पर नाराज लक्ष्मी ने मंदिर का पट बंद कर दिया। भक्तों ने भजन कीर्तन कर मनाया। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ ने रत्नमाला देकर मनाया। 12 जुलाई को भगवान रथ पर सवार होकर मौसी के घर गए थे। उन्हें साथ न ले जाने के कारण लक्ष्मी नाराज थीं। एक धार्मिक मान्यता के अनुसार नाराज लक्ष्मी ने भगवान का रथ भी तोड़ दिया था। यह परंपरा 16 जुलाई को निभाई गई थी।
सांस्कृतिक सचिव अनिल मलिक ने बताया कि बारिश में भी बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचकर बहुडा यात्रा में शामिल हुए। भक्तों ने भगवान की भव्य आरती की। भजन कीर्तन का आयोजन हुआ। कोरोना के कारण बहुडा यात्रा का प्रतीकात्मक आयोजन हुआ। मंदिर के बाहर सजाए रथ को कुछ कदम चलाने के बाद मंदिर के गेट के पास लाकर संपूर्ण कर दिया गया। इस दौरान मंदिर में सैनिटाइजर की भी व्यवस्था की गई थी।
इस मौके पर संघ के पदाधिकारियों में अध्यक्ष प्रो. एसएस पटनायक, चेयरमैन पदमश्री डॉ. डी. बेहरा, सचिव अरुण मलिक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए।