रोहतक से नूंह गया 108 श्रद्धालुओं का काफिला रात डेढ़ बजे सोहाना से गुरुग्राम व झज्जर के रास्ते रोहतक लौट आया। काफिले में सबसे ज्यादा 82 महिलाएं व पांच बच्चे थे। सभी शांतिपूर्ण ढंग से अपने घर पहुंच चुके हैं। एसपी हिमांशु गर्ग ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी आपत्तिजनक सामग्री न डालें, जिससे माहौल खराब हो।
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री सतीश वर्मा ने बताया कि हर साल नल्हड़ के शिव मंदिर में विहिप की तरफ से जलाभिषेक कार्यक्रम किया जाता है। सोमवार को दो बसों में 108 श्रद्धालुओं का काफिला गया था। श्रद्धालुओं की यात्रा एक मंदिर से दूसरे मंदिर में जा रही थी। तभी पता चला कि आगे चल रही गाड़ी में आग लगाई गई है।
प्रशासन के अधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं को वापस मंदिर में भेज दिया। मंदिर में हजारों श्रद्धालु फंस गए। किसी तरह शाम को छह बजे के करीब एक महिला एसपी पहुंची। रात के अंधरे में उनको पैदल खेतों के रास्ते एक सड़क तक ले जाया गया, जहां से पुलिस व निजी वाहनों से सोहना पुलिस स्टेशन में ले गए। वहां से रात साढ़े 10 बजे गुरुग्राम लाया गया, जहां से झज्जर होते हुए रात डेढ़ बजे रोहतक पहुंचे। रोहतक के सभी श्रद्धालु सुरक्षित आ गए।
प्रशासन की दिखी कमी, 15 की जगह 25 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे मंदिर में
विहिप नेता ने बताया कि नल्हड़ के शिव मंदिर में हर साल जलाभिषेक कार्यक्रम होता है। पिछले साल 15 हजार श्रद्धालु जुटे थे लेकिन इस बार संख्या 25 हजार के करीब थी। इसके बावजूद पुलिस ने पुख्ता इंतजाम नहीं किए। इस कारण हिंसा हुई है।
शहर में पुलिस अलर्ट, एसपी बोले- अफवाह फैलाई तो होगी कार्रवाई
एसपी हिमांशु गर्ग ने आम जनता से अपील है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या धार्मिक भावना को ठेस पहुचांने वाली पोस्ट न डाले। न ही आगे फारवर्ड करें। किसी के धर्म या जाति पर कोई गलत टिप्पणी करेगा, उसके खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।