जिला उपभोक्ता अदालत ने एक मामले में जेटीपीएल टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड को एक लाख रुपये जुर्माना एवं 20 हजार कानूनी खर्च देने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक बरनाला निवासी कुसुम लता ने उपभोक्ता अदालत में केस दायर किया था। जिसमें उसने कहा था कि उसने डेवलपर को 2009 में 15.9 लाख रुपये प्लॉट लेने के लिए दिए थे।
उस समय कंपनी ने 24 महीनों के अंदर प्लॉट का पोजेशन देने का वायदा किया था। लेकिन कंपनी ने प्लॉट का पोजेशन सही टाइम पर नहीं दिया गया।
इसके अलावा उन्होंने 4.16 लाख रुपये ईडीसी चार्जेज भरे थे, जो कि उस समय राज्य सरकार के रेट से भी अधिक थे। साथ ही 25 हजार रुपये क्लब चार्जेज के रूप में चुकाए थे।
लेकिन अभी तक क्लब बना ही नहीं है। दूसरी तरफ डेवलपर की दलील थी कि कुसुम लता के अनुरोध से प्लॉट देने में देरी हुई।
साथ ही सरकार द्वारा निर्धारित इडीसी लेने से डेवलपर ने इनकार किया। उपभोक्ता अदालत ने इस मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए कंपनी को सारी कमियां दूर करने का आदेश दिया है। वहीं, क्लब सुविधा को भी डेवलेपर को अगले छह महीने में पूरा करना होगा।