फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: मौत की सजा के बावजूद अपने सिद्धांतों से झुके नहीं सुकरात

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सेक्टर-18 के टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में मंगलवार को नाटक कैन आई से समथिंग का मंचन हुआ। टीएफटी विंटर नेशनल थिएटर के तीसरे दिन इसका मंचन किया गया। यह आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय हरियाणा कला परिषद के सहयोग हुआ।
विज्ञापन

विकास शर्मा के निर्देशन में न्यू उत्थान थिएटर ग्रुप कुरुक्षेत्र के कलाकाराें ने मंचन किया। नाटक का लेखन अख्तर अली ने किया है। दो पात्रों वाला यह नाटक रंगमंच कलाकार पवन और किशोर की बातचीत से आरंभ होता है। पवन यूनान के महान दार्शनिक सुकरात और प्लेटो पर नाटक लिख रहे हैं। जिसके बारे में सुनने की जिज्ञासा किशोर दिखाता है। पवन सुकरात के जीवन को वर्तमान काल से जोड़कर विभिन्न दृश्यों को दिखाने का प्रयास करता है।
अपने नाटक की चर्चा करते हुए पवन बताता है कि सुकरात को देवताओं पर विश्वास नहीं करने और युवाओं को भड़काने जैसे आरोपों के कारण मौत की सजा सुनाई गई थी। ग्रीक की जनता सुकरात के खिलाफ हो गई थी। क्योंकि सुकरात ने धर्म पर आश्रित लोगों को अपने परिवार के लिए जीवन बिताने के तर्क दिए थे। इसी तरह राजनेताओं को जनता की भलाई करने के तर्क दिए। जिसके कारण सभी लोग चाहते थे कि सुकरात को मार दिया जाए।
विज्ञापन

सुकरात का शिष्य प्लेटो अपने गुरु को बचाने के प्रयास करता रहा। सुकरात ने प्लेटो की कोई बात नहीं मानी। प्लेटो चाहते थे कि सुकरात अदालत का फैसला मानकर वो सब काम बंद कर दे, जिसके कारण उसे सजा मिली है। हालांकि सुकरात का मानना था कि अदालत का फैसला मानकर माफी मांगने के बाद मैं ज्यादा दिन जिंदा नहीं रह पाऊंगा। अपने सिद्धांतों पर डटे रहने के कारण मौत की सजा पाने से मैं हमेशा के लिए लोगों के दिलों में जिंदा रहूंगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें