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Chandigarh News: विवादों के बावजूद लायन सर्विसेज को फिर मिला सफाई ठेका, सदन में उठे सवाल

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चंडीगढ़। शहर के दक्षिणी सेक्टरों (31 से 56 और 61 से 63) में जीआईएस आधारित मैकेनाइज्ड और मैनुअल सफाई सेवाओं का ठेका एक बार फिर लायन सर्विसेज लिमिटेड को सौंप दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि जिस कंपनी को लेकर पहले पार्षद लगातार सवाल उठाते रहे, उसी के पक्ष में इस बार पूरा सदन एकजुट नजर आया। टेंडर प्रक्रिया में छह कंपनियों ने भाग लिया, लेकिन तकनीकी रूप से केवल दो लायन सर्विसेज और वाटर ग्रेस प्रोडक्ट योग्य पाई गईं। लायन सर्विसेज ने सबसे कम बोली (एल-1) 5.93 करोड़ रुपये प्रतिमाह, यानी 71.16 करोड़ रुपये वार्षिक दी। यह निगम के अनुमानित 4.39 करोड़ रुपये प्रतिमाह खर्च से करीब 35 प्रतिशत अधिक है।
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महंगी बोली को देखते हुए निगम अधिकारियों ने टेंडर रद्द करने समेत चार विकल्प पेश किए थे। संबंधित कमेटी ने भी टेंडर रद्द करने की सिफारिश की थी, लेकिन इसके बावजूद प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। बैठक के दौरान पार्षदों ने अधिकारियों पर तीखे हमले किए। पार्षद गुरबक्श रावत ने मेज थपथपाते हुए कहा कि एक्सटेंशन का खेल बंद होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में खामियां हैं और कॉपी-पेस्ट के आधार पर दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। रावत ने सवाल उठाया कि जब निगम पहले से ही इसी क्षेत्र की सफाई पर 5.35 करोड़ रुपये प्रतिमाह खर्च कर रहा है और मशीनरी भी निगम की है तो नई कंपनी अपने संसाधनों के साथ इससे कम लागत में काम कैसे करेगी। एमओएच डॉ. इंदरदीप कौर भी सदन में सवालों के घेरे में रहीं। पार्षदों ने टेंडर प्रक्रिया और सेक्टर-1 से 30 तक के सफाई खर्च की स्पष्ट जानकारी न देने पर आपत्ति जताई।
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