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झटकाः महंगी हुई देसी व अंग्रेजी शराब, अब खर्च करने पड़ेंगे इतने रुपये

Mon, 06 Mar 2017 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : File Photo
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शराब पीने के शौकीनों के लिए बुरी खबर। देसी और अंग्रेजी शराब महंगी कर दी गई है, इसलिए अब इसे खरीदने को ज्यादा जेब ढीली करनी होगी।
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हरियाणा में हर तरह की शराब महंगी कर दी गई है। देसी, अंग्रेजी, विदेशी शराब और बीयर के दामों में 12 से 15 फीसदी का इजाफा किया गया है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार ने वर्ष 2017-18 की नई आबकारी नीति लागू कर दी है। आबकारी एवं कराधान मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने रविवार को यहां नई नीति घोषित की। 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए सरकार ने राष्ट्रीय और स्टेट हाईवे पर स्थित करीब पांच सौ ठेकों का आवंटन न करने का निर्णय लिया है। नई नीति में सबसे बड़ी राहत एनसीआर के बार और पब मालिकों को मिली है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश इन पर लागू नहीं होंगे। इन पर ताला लटकने का खतरा पूरी तरह टल गया है। यहां पहले की तरह शराब उपलब्ध होगी। इसमें अटॉर्नी जरनल और महाधिवक्ता की कानूनी राय काम आई है। 
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आबकारी एवं कराधान मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि नई नीति को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंजूरी दे दी है। देशी शराब की बोतल दस रुपये और अंग्रेजी शराब की विभिन्न ब्रांड की बोतलें अब 70 से दो सौ रुपये तक महंगी मिलेंगी। बीयर के बोतल पांच रुपये महंगी हो गई है। कैप्टन ने बताया कि पिछले साल के 4900 करोड़ के राजस्व लक्ष्य के विपरीत इस बार 5500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।

इसमें करीब 600 करोड़ की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। 185 पंचायतों में इस बार ठेके नहीं खुलेंगे। पंचायतों ने शराब के ठेके न खोलने का आग्रह सरकार से किया था, जिसे मान लिया गया है। पिछले साल मात्र पांच पंचायतों ने ही शराब के ठेके न खोलने का आग्रह किया था।
 

अब यह होंगे शराब के रेट

- फोटो : File Photo
अब यह होंगे शराब के रेट
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- देसी शराब (सीएल)
 120 की जगह 130 रुपये 
- रॉयल स्टैग, मैक्डॉवल नंबर 1 
 380 की जगह 450 रुपये 
- सिग्नेचर विहस्की, सिमरन आफ वोदका, ब्लंडर्स प्राइड 
 500 की जगह 600 रुपये
- एंटीक्यूटी ब्लू, मैक्डॉवल सिंगल माल्ट 
 750 की जगह 850 रुपये 
- ब्लैक डॉग 8इयर्स, टीचर, ब्लैक एंड व्हाइट 
 1300 की जगह 1500 रुपये
- बीयर (माइल्ड बीयर)
 60 की जगह 65 रुपये 
- बीयर (स्ट्रांग बीयर)
 70 की जगह 75 रुपये 
- कैंड बीयर (लाइट)
 70 की जगह 75 रुपये 
- कैंड बीयर (स्ट्रांग)
 80 की बजारए 85 रुपये

बार की लाइसेंस फीस में इजाफा

- फोटो : फाइल फोटो
बार की लाइसेंस फीस में इजाफा
सरकार ने शराब के बार लाइसेंस की फीस भी बढ़ाई है। गुरुग्राम में जिस बार की लाइसेंस फीस पहले 12.5 लाख रुपये थी, अब वह 15 लाख हो गई है। फरीदाबाद में 10 लाख की बजाय 12 लाख में बार लाइसेंस मिलेगा। जबकि पंचकूला, सोनीपत और करनाल समेत अन्य जिलों में बार लाइसेंस फीस साढ़े सात लाख के स्थान पर नौ लाख रुपये ली जाएगी। कैप्टन अभिमन्यु के अनुसार पहली जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होगा। शराब और पेेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्स राज्य सरकार के दायरे में रखे गए हैं। सरकार ने शराब पर वैट और आबकारी शुल्क में बढ़ोतरी की है।

सीएसडी कैंटीन में मिलने वाली शराब के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। पंजाब की अपेक्षा यह बढ़ोतरी हालांकि कम है, लेकिन प्रति बोतल 100 से 200 रुपये तक दाम बढ़ गए हैं। अब देसी और अंग्रेजी शराब के अलग-अलग ठेके नहीं होंगे। देसी शराब के ठेके पर अंग्रेजी और अंग्रेजी शराब के ठेके पर देसी शराब भी मिल सकेगी। अंग्रेजी शराब की मांग और खपत राज्य में एकाएक बढ़ी है। नई नीति में शराब ठेकों की संख्या पहले जितनी 3500 रखी गई है। पहले तीन शराब ठेकों का एक ग्रुप होता था, अब एक ग्रुप में छह ठेके आएंगे। शहरी क्षेत्र के ठेकेदार मंजूरी लेकर दो सब वैंड भी खोल सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के चलते जो शराब ठेके हटेंगे, उनके नए स्थान के चयन की सुविधा ठेकेदार को दी गई है।


बिल देना जरूरी
एक हजार से अधिक की शराब खरीदने पर बिल देना जरूरी होगा। राज्य के राजस्व पर फायदे या नुकसान के रूप में इसका कोई असर नहीं होगा। इससे कम की शराब का बिल मांगने पर उपलब्ध कराना होगा। अवैध शराब की बिक्री पर नकेल कसने के लिए प्रदेश में इनफोर्समेंट विंग बनेगा, इसका संचालन डीआईजी रैंक के अधिकारी करेंगे। जिलों में इसकी शाखाएं होंगी।


सिंगल होल सेल प्वाइंट सिस्टम विकसित होगा
बीते तीन साल से विदेशी शराब की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। विदेशी शराब की बिक्री से राजस्व 20 से 30 करोड़ का इकट्ठा हो पाया है, जो बेहद कम है। इसे बढ़ाने के लिए विदेशी शराब की बिक्री के लिए सिंगल होल सेल प्वाइंट सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन बोली लगेगी। न्यूनतम बोली राशि 50 करोड़ और वैट अतिरिक्त रहेगा। यह सिस्टम अपनाने से लगभग 100 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
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वैट और आबकारी शुल्क भी बढ़ा

- फोटो : File Photo
वैट और आबकारी शुल्क भी बढ़ा
शराब पर लगने वाले आबकारी शुल्क और वैट में भी सरकार ने बढ़ोतरी की है। आबकारी शुल्क 20 रुपये प्रति प्रूफ लीटर के स्थान पर 28 रुपये प्रति प्रूफ लीटर किया गया है। अंग्रेजी शराब के अब चार स्लैब के स्थान पर सात स्लैब बना दिए गए हैं। आबकारी शुल्क के लिहाज से 40 रुपये के प्रति प्रूफ लीटर के स्लैब में आने वाली शराब पर 45 रुपये, 50 रुपये के स्लैब वाली शराब पर 61 रुपये, 60 रुपये के स्लैब में 78 रुपये और 70 रुपये प्रति प्रूफ लीटर के स्लैब में आने वाली शराब पर 100 रुपये प्रति प्रूफ लीटर आबकारी शुल्क वसूला जाएगा।

सरकार ने 110, 150 और 200 रुपये प्रति प्रूफ लीटर के आबकारी शुल्क के स्लैब नए बनाए हैं। इन पर शुल्क अभी तय किया जाना बाकी है। सरकार ने वैट में भी बढ़ोतरी की है। पहले हर तरह की शराब पर 10 फीसदी वैट और 5 फीसदी सरचार्ज होता था, मगर अब देशी शराब पर 13 प्रतिशत वैट और 5 प्रतिशत सरचार्ज लगेगा। बीयर पर साढ़े तेरह प्रतिशत वैट और पांच प्रतिशत सरचार्ज लगेगा। अंग्रेजी शराब पर 14 प्रतिशत वैट और 5 प्रतिशत सरचार्ज तथा विदेशी शराब पर 33 प्रतिशत वैट तता 5 प्रतिशत सरचार्ज लगाया जाएगा। बार लाइसेंस फीस पर लगने वाले वैट को 15 प्रतिशत व 5 प्रतिशत सरचार्ज से बढ़ाकर 18 प्रतिशत वैट और 5 प्रतिशत सरचार्ज कर दिया गया है।  


कैंटीन की शराब के दाम भी बढ़े
हरियाणा की सीएसडी कैंटीन में छह तरह की शराब मिलती है। अंग्रेजी शराब पर यहां आबकारी शुल्क 90 रुपये प्रूफ लीटर से बढ़ाकर 235 रुपये किया गया है, जबकि पंजाब में यह 375 रुपये है। रम पर 42.5 रुपये के स्थान पर 85 रुपये प्रति प्रूफ लीटर किया गया, जबकि पंजाब में यह 127 रुपये है। बीयर पर 15 रुपये की बजाय 44 रुपये तथा डाउट बीयर पर 19 रुपये के स्थान पर 44 रुपये बल्क लीटर आबकारी शुल्क किया गया है। वाइन पर 4 रुपये बल्क लीटर के स्थान पर 10 रुपये, विदेशी शराब पर 300 रुपये प्रति बोतल की बढ़ोतरी की गई है।
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