मंडी गोबिंदगढ़। देश भगत यूनिवर्सिटी (डीबीयू) ने अपना 13वां स्थापना दिवस मनाया। इस दौरान आयोजित एक समागम में बड़ी संख्या में फैकल्टी, स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित थे। इस समागम के जश्न के साथ देश भगत यूनिवर्सिटी ने शिक्षा में विकास, उत्तमता और विश्वव्यापी पहुंच की विरासत को उजागर किया। इस कार्यक्रम के महत्व को बढ़ाते हुए, एडवोकेट हरदेव सिंह ने इस मौके विशेष मेहमान के रूप में शिरकत की।
इस मौके देश भगत यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. जोरा सिंह, प्रो-चांसलर डाॅ. तजिंदर कौर ने डीबीयू के भविष्य के लिए अपना दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि हमारी यूनिवर्सिटी की स्थापना समावेशी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए की गई है जो व्यक्तियों को सशक्त बनाती है और पूरे समाज को लाभ पहुंचाती है। डीबीयू अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार करने, नवाचार को बढ़ावा देने और दुनिया भर के छात्रों के लिए अवसर और सीखने के एक केंद्र के तौर पर स्थापित है।
प्रेसिडेंट डाॅ. संदीप सिंह ने उत्कृष्टता और शोध के प्रति डीबीयू की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। जब हम भविष्य की ओर देखते हैं। हमारा उद्देश्य डीबीयू को अत्याधुनिक ज्ञान के केंद्र और वैश्विक शिक्षा में अग्रणी के रूप में आगे बढ़ाना है। हम अपनी शोध पहल को आगे बढ़ाने और शिक्षा जगत में नए मानक स्थापित करने के लिए समर्पित हैं। इस कार्यक्रम में केन्या से सुरिंदर कौर बेदी, पूर्व कुलपति डॉ. शालिनी गुप्ता, मीडिया एवं प्रदर्शन कला निदेशक डॉ. सुरजीत कौर पथेजा, सुरिंदरपाल कपूर रजिस्ट्रार, डॉ. अमरजीत सिंह प्रो-वीसी (अकादमिक) और डॉ. कुलभूषण की उपस्थिति रही। वाइस चांसलर डॉ. हर्ष सदावर्ती ने विशेष मेहमानों और उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर एक उज्जवल भविष्य को आकार दे रहे हैं और डीबीयू की विरासत को कायम रख रहे हैं। देश भगत यूनिवर्सिटी उपलब्धियों, नवाचार और प्रभाव के कई ओर वर्षों की आशा करता है, क्योंकि यह सशक्तीकरण और शिक्षा के अपने मिशन को जारी रखेगा।