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डेरा के 'जाम-ए-इंसां' का सच, पीने के बाद न नींद आती थी न कुछ सोच समझ पाते थे

Mon, 11 Sep 2017 01:23 AM IST
संजय कुमार/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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Ram Rahim
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राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में पिलाए जाने वाले 'जाम-ए-इंसां' का एक सच सामने आया है, जो काफी हैरतंगेज है। यकीं नहीं होता कि ऐसा भी हो सकता है। डेरा सच्चा सौदा में पिलाया जाने वाला ‘जाम’ डॉक्टरों पर भी भारी पड़ता था। इससे प्रदेश के डॉक्टरों के अलावा दिल्ली एम्स के डॉक्टर भी नहीं बच पाए।
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इसको पीने के बाद कई दिन तक न नींद आती है और न ही सोचने समझने की शक्ति सही रहती है। यह जाम केवल उन्हीं को पिलाया जाता था जो कि समाज में अहम स्थान रखते हैं। पीजीआईएमएस के सूत्रों की मानें तो सिरसा स्थित डेरा से डॉक्टरों में सबसे अधिक एम्स दिल्ली के डॉक्टर जुडे़ हैं। यहां एक विशेष विभाग के सीनियर डॉक्टर डेरा के अनुयायी थे और उन्होंने अपने अधिकांश जूनियरों को उनसे जोड़ दिया। 
 
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न पीने की इच्छा पर भी जबरन पिलाया जाता था

राम रहीम सजा - फोटो : SELF
एक डॉक्टर की मानें तो डेरे में एक विशेष जाम पिलाया जाता था, उसमें कुछ तो होता ही था। क्योंकि न पीने की इच्छा जताने पर भी जबरन वह जाम पिलाया जाता था। वशीकरण जैसा शब्द यदि कहीं सार्थक होता है तो वह डेरा ही है। क्योंकि वहां जाने वाले व्यक्ति को ऐसे वातावरण में रखा जाता था कि उसे सिर्फ गुरमीत ही दिखाई देता था।

नये आदमी को तो वह उलझा कर रख देता है, जाम पिलाने के बाद उसके अनुयायी घर तक पीछा करते थे और जूस वगैरह देने के बहाने मुलाकात करते रहते थे। बहुत कम होते हैं जो इन चीजों के बाद स्वयं को उससे बचा सके। इस अवधि में सिर्फ यही दिखाया जाता है कि यदि कोई भगवान है तो वही है। डॉक्टर ने हैरानी जताते हुए बताया कि डेरा के अस्पताल में हर जगह बाबा के गाने बजते थे। 
 
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