जेल में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं, क्योंकि बाबा के दो 'करीबी' पुलिस ने पकड़े हैं, जो कई राज उगल सकते हैं। बाबा का सुरक्षाकर्मी चमकौर सिंह और डेरा का वाइस चेयरमैन पीआर नैन, दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चमकौर सिंह को पंचकूला क्राइम ब्रांच की टीम ने ट्रैप लगाकर जीरकपुर से गिरफ्तार किया है। उसे सिरसा से शिमला जाते समय रास्ते में अरेस्ट किया गया। आरोपी पर बाबा राम रहीम को कोर्ट परिसर से भगाने की साजिश रचने, हत्या के प्रयास, देशद्रोह और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज है।
पंचकूला के डीसीपी अभिषेक जोरवाल ने बताया कि चमकौर सिंह को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। उस पर एएसआई सेक्टर-5 के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया था। टीम को सूचना मिली थी कि चमकौर सिंह सिरसा से शिमला जा रहा है। इस वक्त वह जीरकपुर में है और बस लेने की फिराक में है। क्राइम ब्रांच की टीम के इंस्पेक्टर कंवलजीत सिंह, एसआई प्रदीप कुमार, हेड कांस्टेबल धनीराम, राजेंद्र सिंह, ड्राइवर लखनवीर ने ट्रैप लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि टीम के सदस्यों को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सका।
दो दिन के रिमांड पर दिया गया
चमकौर सिंह
क्राइम ब्रांच की टीम ने बताया कि 2008 में चमकौर महज बाबा का चालक था, लेकिन उसके पास रिवाल्वर होने के कारण उसे सिक्योरिटी में शामिल कर लिया गया था। इसके कुछ दिन बाद ही चमकौर को मुख्य सुरक्षाकर्मी का दर्जा भी दे दिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि सूचना के मुताबिक उसका परिवार भी डेरे से पहले से ही जुड़ा हुआ था। इस कारण वह भी डेरे के संपर्क में आ गया। पंचकूला में भड़की हिंसा के बाद से ही चमकौर फरार था, जिसके चलते उसे कोर्ट ने भगौड़ा घोषित कर दिया था। जिला फतेहगढ़ निवासी चमकौर सिंह को क्राइम ब्रांच की टीम ने कोर्ट में पेश कर दो दिन का रिमांड मांगा।
टीम ने कोर्ट में दलील दी कि चमकौर ने धारा-144 लगने के बाद भी अपना लाइसेंसी हथियार लेकर चंडीगढ़ आया। दंगे के दौरान उसकी ओर से कौन से हथियार इस्तेमाल किए गए। इसकी भी जानकारी जुटानी है। क्राइम ब्रांच की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने दो दिन का रिमांड दे दिया।
एक लाख का इनामी डॉ. नैन गिरफ्तार
पीआर नैन
पंचकूला में हिंसा एवं आगजनी के राजदार माने जा रहे डेरा सच्चा सौदा के वाइस चेयरमैन एक लाख के इनामी डॉ. पीआर नैन को स्पेशल स्टॉफ सोनीपत और एसटीएफ हिसार की टीम ने शनिवार तड़के काबू कर लिया। आरोपी को पुलिस की संयुक्त टीम ने गोहाना के टी-प्वाइंट से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे सिरसा एसआईटी के हवाले कर दिया। एसआईटी ने देर शाम आरोपी को सीबीआई की अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
नैन पर एसटीएफ ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। बता दें कि 25 अगस्त 2017 को यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के दोषी करार होते ही डेरा समर्थकों ने पंचकूला में आगजनी की थी। इसमें कई लोगों की मौत हुई थी। करोड़ों की संपत्ति को नुकसान हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को आरोपी बनाया था। इसी मामले में डेरा सच्चा सौदा के वाइस चेयरमैन डॉ. पीआर नैन को भी आरोपी बनाया गया था।
नैन पर 14 से 17 अगस्त 2017 को सिरसा डेरे में हुई बैठकों में साजिश रचने के भी आरोप हैं। नैन पर देशद्रोह और साजिश रचने के मामले दर्ज हैं। सिरसा की अदालत ने नैन को भगोड़ा घोषित किया है। स्पेशल स्टाफ सोनीपत व एसटीएफ हिसार की टीम को सूचना मिली थी कि पीआर नैन गोहाना आने वाला है। इसके बाद स्पेशल स्टॉफ के सोनीपत प्रभारी श्रीनिवास व एएसआई गुलशन तथा एसटीएफ हिसार की टीम ने नाकाबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया।
अलग-अलग डेरों में रहा आरोपी
स्पेशल स्टॉफ प्रभारी श्रीनिवास ने बताया कि आरोपी ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि वह घटना के बाद भूमिगत हो गया था। वह अलग-अलग डेरों में नाम बदलकर रहा। साथ ही डाक्टर होने के चलते डेरों व सत्संगों में लोगों को दवाई लिखकर देने लगा। वह प्रदेश भर में अलग-अलग डेरों में घूमता रहा।