नगर निगम के डिप्टी मेयर सतीश कैंथ ने करोड़ों रुपये से चंडीगढ़ में बनी हुई अंडरग्राउंड पार्किंग के संचालन पर नगर निगम कमिश्नर वीके सिंह और मेयर सुभाष चावला से सवाल किए हैं।
डिप्टी मेयर ने मंगलवार को इस संबंध में उन्हें पत्र भेजा। इन सवालों का जवाब इस माह होने वाली सदन की बैठक में चर्चा के लिए आएगा।
मालूम हो कि अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में ‘मल्टीलेवल पार्किंग से लाभ कम और बोझ ज्यादा’ शीर्षक के साथ खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
यही नहीं मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू होने से बंद की गुरदेव पेड पार्किंग से लोगों को सेक्टर 17 में गाड़ियां खड़ी करने को लेकर आ रही समस्या को भी अमर उजाला ने जोर शोर से उठाया था।
इसके बाद प्रशासक शिवराज पाटिल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सेक्टर-17 में पार्किंग की वैकल्पिक व्यवस्था करने के आदेश दिए थे।
मालूम हो कि सेक्टर-17 में मल्टीलेवल चार मंजिला पार्किंग बनाई जा रही है जिसमें तीन तल अंडरग्राउंड हैं। वहीं पहले से ही सेक्टर 17 में तीन और मध्य मार्ग पर दो अंडरग्राउंड पार्किंग हैं।
इनमें से सिर्फ एक को छोड़कर बाकी सभी में कोई भी वाहन पार्क नहीं करता है।
इन अंडरग्राउंड पार्किंग स्थलों में गंदगी और कीचड़ जमा है और नगर निगम भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा। न ही इनके बारे में लोगों को जागरूक किया गया है।
डिप्टी मेयर पूछे ये सवाल
. शहर में कितनी अंडरग्राउंड पार्किंग स्थल हैं
. हर अंडरग्राउंड में कितने कितने वाहन पार्क हो सकते हैं
. शहर में कितनी पेड पार्किंग हैं और कितनी फ्री हैं
. पिछले साल में अंडरग्राउंड के रखरखाव और विकास पर कितना खर्चा किया गया
. अंडरग्राउंड पार्किंग में वाहनों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम हैं
. क्या इन अंडरग्राउंड पार्किंग में बिजली के कनेक्शन की कोई व्यवस्था है
अंडरग्राउंड पार्किंग से सुलझ सकती है समस्या :
डिप्टी मेयर सतीश कैंथ का कहना है कि सेक्टर-17 के अलावा चंद दूसरे बाजारों में अंडरग्राउंड पार्किंग स्थल हैं। अगर शहरवासी अपने वाहन यहां पर पार्क करें तो पार्किंग की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
उनका कहना है कि इन अंडरग्राउंड पार्किंग को सुनियोजित तरीके से चलाने के लिए ही सवाल पूछे गए है ताकि सदन की बैठक में चर्चा करने के बाद इन पर कोई निर्णय लिया जा सके।